
जाकिर नाइक को बांग्लादेश ने भेजा था बुलावा, चुनाव से तुरंत पहले क्यों टला दौरा
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भारत में वान्टेड जाकिर नाइक को बांग्लादेश बुलाया गया था. लेकिन बांग्लादेश गृह मंत्रालय की कोर कमेटी ने सुरक्षा कारणों से उनके दौरे को चुनावों के बाद तक टाल दिया है. नाइक पर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं.
शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश का इस्लामिक झुकाव तेजी से बढ़ा है जहां कट्टरपंथी इस्लामी बेहद सक्रिय हो गए हैं. बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अब उन कट्टरपंथी आतंकियों की भी आवभगत कर रही है, जिन्होंने कभी उनके देश पर हमला किया था. उन्हीं में से एक है इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक जिसे भारत ने वान्टेड भगोड़ा घोषित कर रखा है.
नाइक पर जुलाई 2016 के ढाका बेकरी आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप है. इसी नाइक को बांग्लादेश बुला रहा है. बांग्लादेश की तरफ से बताया गया कि नाइक इसी महीने बांग्लादेश आने वाला है लेकिन अब खबर है कि उसका दौरा कुछ समय के लिए टाल दिया गया है.
भारतीय मूल के जाकिर नाइक को फिलहाल बांग्लादेश में एंट्री की इजाजत नहीं दी जाएगी. यह फैसला मंगलवार को सचिवालय में गृह मंत्रालय के मीटिंग रूम में हुई कानून-व्यवस्था कोर कमेटी की बैठक में लिया गया.
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एक संगठन ने जाकिर नाइक को 28 और 29 नवंबर को दो दिन के लिए ढाका बुलाने की योजना बनाई थी. नाइक का कार्यक्रम ढाका के बाहर भी जाने का था. हालांकि, इसपर फिलहाल के लिए रोक लगा दी गई है.
कोर कमिटी की बैठक में यह बात सामने आई कि अगर जाकिर नाइक बांग्लादेश आते हैं, तो भारी भीड़ जमा हो सकती है. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत होगी. फिलहाल, चुनावों को लेकर सुरक्षा बल पहले से ही व्यस्त हैं, इसलिए इतनी बड़ी तैनाती संभव नहीं है.
बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय चुनावों के बाद ही नाइक की यात्रा पर विचार किया जा सकता है, लेकिन चुनाव से पहले नहीं.

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