
चीन ने किया लद्दाख में हॉट स्प्रिंग एरिया खाली करने का दावा, गलवान-पैंगोंग को लेकर भी कही ये बात
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भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख पर पिछले 2 साल से विवाद जारी है. विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह विवाद पूरी तरह से सुलझा नहीं है. वहीं, भारत को सिर्फ पैंगोंग के दक्षिण किनारे और गोगरा पर डिसइंगेजमेंट की जानकारी है.
पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ चल रहे विवाद के बीच चीन ने नया दावा किया है. चीन का दावा है कि उसके सैनिकों (PLA) ने एलएसी के हॉट स्प्रिंग एरिया को खाली कर दिया है. हालांकि, इस मामले के जानकारों लोगों ने चीन के इस दावे को झूठा बताते हुए कहा कि पूर्वी लद्दाख में अभी सभी इलाके पूरी तरह से खाली नहीं हुए हैं.
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय ने HT से बातचीत में कहा है कि चीन पूर्वी लद्दाख में जल्द से जल्द विवाद को सुलझाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है. साथ ही चीन ने दावा किया है कि गलवान, पैंगोंग और हॉट स्प्रिंग इलाके से सेना हटाई जा चुकी है.
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख पर पिछले 2 साल से विवाद जारी है. विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह विवाद पूरी तरह से सुलझा नहीं है. वहीं, भारत को सिर्फ पैंगोंग के दक्षिण किनारे और गोगरा पर डिसइंगेजमेंट की जानकारी है.
भारत और चीन सैन्य कमांडरों के बीच 11 मार्च को 15वें दौर की बातचीत हुई थी. इसके बाद HT ने चीनी विदेश मंत्रालय से इस मुद्दे पर बात की थी. चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था, ''चीन और भारत के बीच 11 मार्च को 15वें दौर की बातचीत हुई थी. इसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया था. पिछले साल से दोनों देशों की सेनाओं ने गलवान घाटी, पैंगोंग झील और हॉट स्प्रिंग पर डिसइंगेजमेंट किया है. पूर्वी लद्दाख में मौजूदा स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है.''
हालांकि, चीन ने अपने बयान में यह जिक्र नहीं किया कि कहां डिसइंगेजमेंट पूरा नहीं हुआ है. और इतना समय क्यों लग रहा है. वहीं, इस मामले के जानकार लोगों ने कहा कि हॉट स्प्रिंग पर सभी विवादित जगह अभी खाली नहीं हुई हैं. हालांकि, इस बारे में जानकार लोगों ने ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया. लोगों ने बताया कि आखिरी बार डिसइंगेजमेंट की प्रोसेस 4 और 5 अगस्त को हुई थी. तब गोगरा और पेट्रोलिंग पॉइंट 17 A से सेनाओं को वापस लिया गया था. 12वें दौर की बातचीत में यह तय हुआ था.

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