
क्या अब जंग में होगी परमाणु हथियारों की एंट्री? पुतिन के इस फैसले ने बढ़ा दी चिंता
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रूस की संसद ने उस संधि से बाहर निकलने का बिल पास किया है, जिसके तहत परमाणु परीक्षण करने पर रोक लगी थी. इसका मतलब हुआ कि अब रूस परमाणु परीक्षण न करने के लिए बाध्य नहीं है. जानते हैं कि इसका असर क्या हो सकता है? और क्या ये परमाणु हथियार की एंट्री की तैयारी है?
रूस-यूक्रेन... और अब इजरायल-हमास... दुनिया पहले ही दो खतरनाक युद्धों को झेल रही है. इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है.
दरअसल, रूस की संसद ने उस अंतरराष्ट्रीय संधि से बाहर निकलने के पक्ष में बिल पास किया है, जो किसी देश को परमाणु परीक्षण करने से रोकती है.
कॉम्प्रेंहेंसिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी (CTBT) यानी व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि को निष्क्रिय करने के लिए बुधवार को रूसी संसद के ऊपरी सदन में इस बिल को पेश किया गया था. यहां ये बिल निचले सदन की तरह ही निर्विरोध पास हो गया.
रूस की संसद के दोनों सदनों से ये बिल पास हो गया है. और अब राष्ट्रपति पुतिन के दस्तखत के बाद ये कानून बन जाएगा. इसके साथ रूस आधिकारिक तौर पर परमाणु परीक्षण से रोकने वाली संधि से बाहर आ जाएगा.
क्या है ये संधि?
सीटीबीटी एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जो सभी तरह के परमाणु विस्फोटों पर प्रतिबंध लगाती है. इसका मकसद दुनिया में कहीं भी किसी भी तरह के परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक लगाना है.

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