
कूनो नेशनल पार्क में चीतों को कब देखने आ सकेंगे पर्यटक? IFS अफसर ने दिए इन 7 सवालों के जवाब
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Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क में चीतों के मूवमेंट सहित उन्हें शिकार के लिए छोड़े जाने को लेकर DFO प्रकाश कुमार वर्मा से बातचीत की गई. वन विभाग के अफसर से पूछा गया कि चीतों को शिकार के लिए कब छोड़ा जाएगा? और पर्यटक कब तक उनका दीदार कर पाएंगे? पढ़ें इन 7 सवालों के जवाब...
मध्य प्रदेश के श्योपुर का कूनो नेशनल पार्क अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है. 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं चीता प्रोजेक्ट लॉन्च किया था. इस पार्क में नामीबिया से लाए चीतों को देखने के लिए लोग बेताब हैं और उनका क्वारांटाइन पीरियड पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं. कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन भी लगातार चीतों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट केंद्र सरकार को भेज रहा है. आज से ठीक 15 दिन पहले नामीबिया से 8 आए चीतों का मन पूरी तरह कूनो के माहौल में ढल चुका है. दूसरे महाद्वीप में आने से चीतों में हल्का-सा तनाव दिखाई दे रहा था, वह अब पूरी तरह खत्म हो गया है. चीते अब कूनो को अपना घर मानकर यहां के वन्य जीवों की ओर नजर जमाते दिखाई दे रहे हैं.
कूनो नेशनल पार्क में चीतों के मूवमेंट सहित उन्हें शिकार के लिए छोड़े जाने को लेकर वन मंडल अधिकारी (DFO) प्रकाश कुमार वर्मा से चर्चा की गई. डीएफओ से पूछा गया कि चीतों को शिकार के लिए कब छोड़ा जाएगा? और चीता अब कैसा महसूस कर रहे हैं? पढ़िए 7 सवालों के जवाब...
Q.1 कूनो में चीतों को आए 15 दिन पूरे हो चुके हैं, अब चीते किस तरह अपना दिन बिता रहे हैं?A. कूनो में 15 दिन पहले नामीबिया से 8 चीते आए थे जिनमें 5 नर और 3 मादा चीता थे, सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं. पिछले हफ्ते की तुलना में अब उनके व्यवहार में और भी राहत दिखाई देती हैं. वे सामान्य रूप से खा-पी रहे हैं. बाड़ों में चहलकदमी करते हैं. नर चीते अक्सर साथ में रहते हैं, क्योंकि इनकी प्रवृति समूह में रहने की है. Q.2 चीतों को खाने के लिए मांस दिया जा रहा है, लेकिन इनकी प्रवृत्ति में शिकार करना अहम है, कब तक ये शिकार के लिए छोड़े जा सकते हैं?A. चीतों को क्वारांटाइन अवधि (1 माह) तक छोटे बाड़ों में रखने का निर्णय लिया गया हैं जो अब करीब 15 दिनों की और बची है. इसके बाद नामीबिया के चीता एक्सपर्ट समीक्षा करेंगे और चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ने जाएंगे, जहां उनके शिकार के लिए चीतल सहित अन्य वन्य जीव उपलब्ध रहेंगे.
Q.3 घने जंगलों के बीच बनाए गए बाड़ों के आसपास अन्य जानवर भी विचरण करते होंगे तो चीते कैसा महसूस कर रहे हैं?A. चीतों के लिए 5 वर्ग किमी का बाड़ा तैयार किया गया है, लेकिन फिलहाल उन्हें 6 छोटे बाड़ों में रखा गया हैं, जिनका साइज 50*30 है. हालांकि, इन बाड़ों के आसपास भी साम्भर, चीतल, जैकाल और जंगली सूअर जैसे वन्यजीव विचरण कर रहे हैं जिन पर चीतों की निगाहें ठहरती दिखाई देती हैं. Q.4 चीतों की सेहत को लेकर किस तरह से निगरानी हो रही है, विशेषज्ञ कितनी बार चीतों का हेल्थ चेकअप कर रहे हैं? A. चीतों की सेहत पर बारीकी से नजर नामीबिया के विशेषज्ञ और हमारे माधव नेशनल पार्क के विशेषज्ञ रखे हुए हैं. दिन में 4 बार चीतों के हेल्थ को लेकर अपडेट लिया जाता है. अभी तक पूरी तरह सामान्य हैं. Q.5 कूनो नेशनल पार्क में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होना तय है और कई लोग चीतों के दीदार को बेकरार हैं, कब तक चीतों को देखने की चाह पूरी होगी?A. फिलहाल चीतों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इंसानों से पूरी तरह उन्हें दूर रखने के निर्देश हैं. हालांकि, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने टास्क फोर्स का गठन हुआ है, जो पूरी तरह से चीता प्रोजेक्ट को लेकर गाइडलाइन बना रही है. कूनो नेशनल पार्क एक पखवाड़े बाद खोला जाएगा, लेकिन चीतों को देखने की इच्छा नए वर्ष 2023 में ही पूरी हो सकेगी.
Q.6 कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को ग्राउंड जीरो बनाया गया है, जहां आगामी समय में भी चीता लाएंगे? A. कूनो नेशनल पार्क को चीतों के लिए सबसे बेहतरीन स्थल माना गया है. आगामी समय में साउथ अफ्रीका से भी 12 चीते लाए जाएंगे, जिसकी तैयारियां भी की जा रही हैं, और चीता प्रोजेक्ट के लिए ग्राउंड जीरो के रूप में चुना गया है, जहां चीतों को सबसे पहले लाकर उनकी क्वाराइंटाइन अवधि को पूर्ण किया जाएगा, जिसके बाद अन्य स्थानों पर बसाने की योजना तय की जाएगी.
Q.7 सात दशकों बाद देश की धरती पर चीता लाने की योजना आपके कार्यकाल में कितना महत्व रखती है?A. कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को शुरू करना और इसमें हमारी भूमिका निश्चित ही सबसे बड़ा सौभाग्य है. देश के बेहद महत्वपूर्ण चीता प्रोजेक्ट के लॉन्च होने के बाद कूनो प्रबंधन और मैं बहुत खुश हूं. मेरे कार्यकाल का सबसे बड़ा पुरस्कार चीतों का कूनो में बसाया जाना है, क्योंकि प्राकृतिक वन्य जीवों के पुर्नस्थापन का यह कार्य मेरे लिए बेहद अहम रहा. देखें चीतों का ताजा Video:-

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