
कुएं में मिला 200 साल पुराना पत्थर, लोग बोले- यह शिवलिंग है, फिर करने लगे पूजा
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Maharashtra: वाशिम के करंजा शहर में स्थित कुएं में 200 सालों से भी ज्यादा पुराना पत्थर मिला है. इस अनोखे पत्थर को मंदिर के पुजारी ने शिवलिंग बताया. पत्थर मिलने के बाद शिव भक्तों ने सरकार से मांग की है कि वहां जल्दी से शिव मन्दिर बनवाया जाए.
ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग मिलने को लेकर देशभर में वाद-विवाद छिड़ा हुआ है, तो वहीं अब महाराष्ट्र के वाशिम जिले के करंजा शहर के एक कुएं में अनोखा पत्थर मिला है, जिसे पुजारी ने शिवलिंग बताया है. शिवलिंग के कुएं में मिलने की खबर शहर में आग की तरह फैल गई और उसे देखने लोगों की भीड़ उमड़ रही है.
दरअसल, मानसून को ध्यान में रखते हुए कारंजा शहर के तिलक चौक के एक कुएं के सफाई का काम चल रहा था. कीचड़ निकालते समय एक बड़ा सा अनोखा पत्थर मिला, जिसका वजन 30 से 35 किलोग्राम बताया जा रहा है. परिसर के लोगों ने कारंजा शहर में स्थित जगत जननी मां भवानी मंदिर के पुजारी अजय शर्मा को बुलाया.
पुजारी के अनुसार, इस पत्थर का आकार शिवलिंग जैसा है और यह नर्मदेश्वर शिवलिंग होना चाहिए. इसे लगभग 200 सालों से ज्यादा पुराना बताया जा रहा है.
कहा जा रहा है कि कुआं करीब 60 फीट से ज्यादा गहरा और 100 सालों से अधिक पुराना है. इस अनोखे पत्थर को पानी से साफ किया गया और पास के एक पेड़ के नीचे रखा गया है. शिव भक्तों ने सरकार से मांग की है कि वहां जल्दी से शिव मन्दिर बनवाया जाए.
कारंजा शहर के तहसीलदार धीरज मांजरे ने बताया कि उन्होंने इलाके में जाकर अनोखे पत्थर का निरीक्षण किया है और इस बात की जानकारी पुरातत्व विभाग को लिखित में भेजी है. अब इस अनोखे पत्थर का रहस्य पुरातत्व विभाग ही खोल पाएगा.
इस बीच, पूरे शहर में यह बात फैली कि शहर के तिलक चौक के कुएं में एक प्राचीन शिवलिंग मिला है, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है.

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