
कीव में दाखिल हुआ रूस तो मच जाएगी तबाही, कब्जे में होगी सरकार! देखें यूक्रेन ने अब तक कैसे की सुरक्षा?
AajTak
कीव के अंदर एक बार रूस दाखिल हो गया तो तबाही मच जाएगी क्योंकि न केवल यूक्रेन की राजधानी रूस के कब्जे में होगी बल्कि उसकी सरकार भी रूस के शिकंजे में होगी. लिहाजा रूसी टैंकों को रोकने के लिये यूक्रेन ने कीव के बाहर बारूदी सुरंग बिछाई है. रूसी हमलों का खामियाजा रिहायशी इमारतों में रहने वाले भुगत रहे हैं. रूस के हमलों के आखिर कब तक बचेगा कीव? ये सवाल अब भी बरकरार है. मगर 24 फरवरी को रूस के हमलों के बाद से लेकर अब तक कीव का मोर्चा अजेय बना हुआ है. आजतक की टीम ने जमीनी स्तर पर जाकर देखा कि आखिर कीव की किलेबंदी अंदर और बाहर से कितनी मजबूत है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.










