
किलर बन गया चाइनीज मांझा, 7 और 4 साल के बच्चों के गर्दन में फंसा, गला कटने से दोनों की मौत
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मकर सक्रांति के दिन मध्य प्रदेश और गुजरात में पतंग उड़ाने वाले चाइनीज मांझे से दो मासूम बच्चों की गर्दन कट गई. इस कारण उनकी मौत हो गई. दोनों ही बच्चे अपने-अपने पिता के साथ बाइक पर सवार थे. उस दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ.
मकर सक्रांति के दिन चाइनीज मांझा दो मासूम बच्चों के लिए काल बनकर आया. दोनों बच्चों की चाइनीज मांझे से गर्दन कटी और उनकी मौत हो गई. एक मामला मध्य प्रदेश के धार का है. तो वहीं, दूसरी घटना गुजरात के महिसागर जिले की है. दोनों मासूमों की उम्र महज सात और चार साल थी. दोनों ही मामलों में बच्चे अपने पिता के साथ बाइक पर सवार थे. तभी यह हादसा हो गया.
पहले मामले में धार जिले में बच्चा अपने पिता के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहा था. तभी रास्ते में चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन कट गई. आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, घटना हटवारा चौक की है. 14 जनवरी को लोग मकर सक्रांति को उपलक्ष्य में पतंगबाजी कर रहे थे. रहां रहने वाले विनोद चौहान किसी काम के सिलसिले में घर से निकले. उनके 7 साल के बेटे ने भी साथ चलने की जिद गई. विनोद ने उसे भी बाइक पर बैठाया और घर से निकल पड़े. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि रास्ते में उनके लिए क्या होने वाला है.
चाइनीज मांझे से कटी 7 साल के मासूम की गर्दन
विनोद बाइक चला रहे थे. तभी हटवारा चौक के पास पतंग उड़ाने वाला चाइनीज मांझा लटका हुआ था. विनोद को वो मांझा दिखाई नहीं दिया क्योंकि मांझा काफी बारीक था. बच्चा बाइक में आगे की तरफ बैठा हुआ था. तभी चाइनीज मांझे से उसकी गर्दन कट गई. विनोद ने यह देखते ही तुरंत बाइक रोकी. खून से लथपथ अपने बेटे को निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मामले में शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) रवींद्र वास्केल ने कहा कि जिन लोगों के पास चाइनीज डोर या धारदार डोर होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. धार की सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रोशनी पाटीदार ने कहा कि प्रशासन ने पिछले दस दिनों में चीनी मांझा के खिलाफ अभियान चलाया है. उन्होंने कहा, 'यह एक दुखद घटना है. हमने टीमें गठित की हैं और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है.'

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