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कितनी जायज है ईरान की टोल की मांग? होर्मुज स्ट्रेट पर 'वसूली' अवैध तो स्वेज नहर पर वैध कैसे

कितनी जायज है ईरान की टोल की मांग? होर्मुज स्ट्रेट पर 'वसूली' अवैध तो स्वेज नहर पर वैध कैसे

AajTak
Wednesday, April 01, 2026 09:49:40 AM UTC

दुनिया में समुद्री रास्तों पर टोल वसूली कुछ हालात में ही वैध मानी जाती है. लेकिन ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर टोल वसूलने की घोषणा कर अपने इरादे जता दिए हैं. आखिर ईरान इसके पीछे क्या तर्क देता है? क्या इस कदम से होर्मुज जियो-पॉलिटिकल टेंशन की नई वजह बन सकता है.

ईरान ने खुद को होर्मुज स्ट्रेट का गेटकीपर घोषित कर दिया है. अब यहां से तेल लेकर होकर गुजरने वाले जहाजों को एक अच्छी खासी रकम ईरान की सरकार को चुकानी पड़ेगी. जंग के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंदकर रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस समुद्री मार्ग पर अपने मालिकाना हक का ऐलान दुनिया के सामने कर दिया. यूं तो होर्मुज से नेविगेशन हमेशा ईरान की निगरानी में होती रही लेकिन ईरान ने कभी भी इस प्राकृतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल पैसा कमाने के लिए नहीं किया था. पर अब ईरान ने औपचारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी है.

लेकिन क्या समुद्री मार्ग जैसे प्रकृति द्वारा दी हुई नेमतों पर ईरान का टैक्स लगाना उचित है? इस बारे में ईरान का क्या तर्क है? इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है? क्या ईरान की तरह कोई और देश समुद्र में गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलते हैं? इन प्रश्नों के जवाब एक एक कर हम आगे समझेंगे.

ईरान ने अपनी संसद में कानून बनाकर इसकी सूचना संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNCLOS को दे दी है जो समुद्री नेविगेशन से जुड़े मामले को देखता है. अब यहां 'टोल बूथ' जैसा एक सिस्टम बन गया है.

अब जहाजों को ईरान के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करना होगा और ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स-IRGC' द्वारा उनकी जांच की जाएगी. इसके बाद कुछ रकम चुकाकर ही ये जहाज आगे जा सकेंगे. अब तक कम से कम दो जहाजों ने IRGC को 2-2 मिलियन डॉलर रकम चाइनीज करेंसी में चुकाई है. 

किस तर्क के आधार पर ईरान मांग रहा है टोल

जंग से पहले ईरान होर्मुज पार करने वाले जहाजों से कोई पैसा नहीं लेता था. लेकिन अब ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके क्षेत्रीय जल और संप्रभु क्षेत्र में आता है. ईरान की संसद ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मैनेजमेंट प्लान पास किया है. 

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ना यूरेनियम मिला, ना बदली सत्ता... ईरान के विध्वंसक पलटवार से क्या झुक गए डोनाल्ड ट्रंप?

मिडिल ईस्ट तनाव के 33 दिन बाद हालात दिलचस्प मोड़ पर हैं. ना अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल कर पाया, ना ईरान झुका. अब डोनाल्ड ट्रंप के संभावित संबोधन से युद्धविराम के संकेत मिल रहे हैं.

ब्लैक एंड व्हाइट: क्या ईरान युद्ध पर बड़ा सरप्राइज देने वाले हैं डोनाल्ड ट्रंप?

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध से निकलने वाले हैं या फिर फसाने वाले हैं? देखें

ट्रंप जो पल में तोला, पल में माशा वाले बयान देते आ रहे हैं. सब जानना चाहते हैं कि जल्द ही ईरान से बाहर निकलने की बात करने वाले ट्रंप क्या वाकई युद्ध से बाहर निकलेंगे. वो क्या बोलेंगे. युद्ध खत्म करने को लेकर बोलेंगे? क्या युद्ध जल्द खत्म करने की डेडलाइन देंगे? क्या बताएंगे कि वो युद्ध से किस शर्त पर बाहर निकलेंगे? क्या ट्रंप का बयान उनका झुकना माना जाएगा? क्या ट्रंप ईरान की बात मान लेंगे?

‘US को एयरपोर्ट इस्तेमाल न करने दें', ईरान की बुल्गारिया को सख्त चेतावनी

ईरान ने NATO सदस्य बुल्गारिया को चेतावनी दी है कि वह अपने एयरपोर्ट अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल न होने दे. इस पर बुल्गारिया ने सफाई दी है कि वह युद्ध में शामिल नहीं है और उसके एयरपोर्ट से कोई लड़ाकू ऑपरेशन नहीं चल रहा.

अमेरिका-ईरान युद्ध चलेगा या रुकेगा? देखें खबरदार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.

ईरान ने बेहरीन में ऐमेजॉन के क्लाउड सेंटर को बनाया निशाना, हाल ही में दी थी धमकी

ईरान ने कल कहा था कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा. उसने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है. ईरान की तरफ से सभी खाड़ी देशों में अमेरिका की 18 बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी. इसके जवाब में अमेरिका ने कहा था कि वो तैयार है अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों की सुरक्षा करेगा.

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दुनिया ने काउंटडाउन शुरू कर दिया है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. भारतीय समय के मुताबिक कल सुबह साढ़े 6 बजे ट्रंप अमेरिका के लोगों के लिए राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. ट्रंप का ये संदेश बेहद अहम हो सकता है क्योंकि उन्होंने कह दिया है कि 2 से 3 हफ्तों में ईरान युद्ध से अमेरिका निकलने वाला है. ट्रंप ने ये संकेत भी दिया है कि ईरान के साथ डील हो या नहीं हो, वो युद्ध को रोक देंगे. लेकिन क्या ट्रंप जो कह रहे हैं, वही सच होगा? बीते 1 महीनों में युद्ध पर ट्रंप ने कई बार सरप्राइज दिए हैं. क्या ईरान युद्ध से निकलने की ये टाइमलाइन भी कोई रणनीति है? सवाल ये भी है कि क्या अब ईरान युद्ध को रोकेगा? क्योंकि ईरान की चेतावनी बेहद गंभीर है.

दंगल: होर्मुज खोलने के वैश्विक प्रयासों में भारत को सशक्त भूमिका निभानी चाहिए?

आज का दंगल ईरान की जंग से तंग हो रही दुनिया को लेकर है. जिसमें पहले 3 बडी खबरें बता दें. पहली बड़ी खबर आ रही है कि होर्मुज के बंद होने से दुनिया में जो तेल गैस का हाहाकार मचा है उसे लेकर अब 35 देशों ने साझा कॉन्फरेंस की तैयारी कर ली है. ब्रिटेन में होने वाले इस सम्मेलन में होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का उपाय तलाशना है. एक और बडी खबर है कि बहरीन ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रस्ताव लाया है. यूएन और खाडी के देशों ने इसे समर्थन दिया है लेकिन इस प्रस्ताव को पास होने के लिए 9 वोट की जरूरत है और किसी देश का वीटो भी नहीं होना चाहिए. अगर प्रस्ताव पास होता है तो होर्मुज से जहाजों की आवाजाही निगरानी में हो सकती है. तीसरी बडी खबर है कि यूएई से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस लेकर भारत के दो जहाज आज मुंबई और न्यू मेंगलोर पहुंच चुके हैं.

'नए ईरानी राष्ट्रपति ने सीजफायर की गुजारिश की', ट्रंप का दावा, जंग रोकने की अपनी शर्त भी बताई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जंग तभी रुकेगी जब ईरान होर्मुज को न सिर्फ खोलता है बल्कि जहाजों सुरक्षित आवाजाही का रास्ता देता है.

रूस-चीन का सताया डर! होर्मुज संकट पर नरम पड़ गए बहरीन के तेवर

होर्मुज संकट केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में नरमी दिखाई है. बहरीन का संशोधित ड्राफ्ट यह दर्शाता है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में पश्चिमी देश भी रूस-चीन की 'वीटो पावर' को नजरअंदाज नहीं कर सकते.

ट्रंप का सैन्य अभियान जल्द खत्म करने का दावा, देखें दुनिया आजतक

अमरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी समय के मुताबिक बुधवार रात 9 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं...लेकिन इससे पहले मंगलवार की रात उन्होंने ईरान युद्ध से पीछे हटने की बात कही..ऐसे में लोगों के मन में ट्रंप के बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं...कि क्या ऐसा सच में होने वाला है..क्यों कि ट्रंप कभी भी अपने एक बयान पर कायम नहीं रहते.

इंडिया आउट से इंडियाज हेल्प तक... विरोध करने वाले पड़ोसियों को अब भारत का ही सहारा

ईरान युद्ध से पैदा हुआ संकट सबसे अधिक बांग्लादेश में दिखाई दे रहा है, जो अपने 95 फीसदी तेल और 30 फीसदी गैस का आयात करता है. गैस सप्लाई बेहद कम होने के कारण देश में व्यापक बिजली कटौती हो रही है. उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर पर भी डीजल की कमी का असर पड़ रहा है.

अमेरिका के समर्थन में आया अर्जेंटीना, ईरान के IRGC को घोषित किया आतंकी संगठन

अर्जेंटीना का यह फैसला अमेरिका की नीति के अनुरूप माना जा रहा है. सरकार ने IRGC पर 1994 के AMIA बम धमाके में हिज्बुल्लाह को समर्थन देने का आरोप लगाया है. इस कदम से ईरानी सैन्य संगठन पर अब वित्तीय प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई संभव होगी. इससे पहले अर्जेंटीना मैक्सिको के एक ड्रग कार्टेल को भी आतंकी घोषित कर चुका है.

इजरायल के तेल अवीव पर ईरान के म‍िसाइल हमले, थर्राहट से ही ग‍िर गई इमारत, देखें ग्राउंड र‍िपोर्ट से तस्वीर

म‍िड‍िल ईस्ट में जारी जंग के बीच इजरायल की राजधानी तेल अवीव और आसपास के इलाके लगातार ईरानी मिसाइल का सामना कर रहे हैं. इस दौरान तेल अवीव पर ईरान के ताजा म‍िसाइल हमले के धमाके और थर्राहट से एक इमारत लगभग धराशायी ही हो गई. आजतक संवाददाता प्रणय उपाध्याय तेल अवीव में हैं, मौके से देखें उनकी ये ग्राउंड र‍िपोर्ट.

होर्मुज को बाय-बाय! नए तेल रूट की खोज में जुटे अरब देश, ये है तैयारी

ईरान जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे ने खाड़ी देशों को नई रणनीति पर मजबूर कर दिया है. महंगे और मुश्किल पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स पर फिर चर्चा शुरू हो गई है. सऊदी अरब से लेकर यूएई तक अब ऐसे रास्ते तलाशे जा रहे हैं, जो तेल-गैस निर्यात को ईरान के नियंत्रण से पूरी तरह अलग कर सकें.

शांति की टूटी उम्मीदों के बीच जंग तेज, जानिए US-इजरायल और ईरान ने 24 घंटे में कहां-कहां किए अटैक

मिडिल ईस्ट जंग अभी चलती रहेगी. ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का ऐलान नहीं किया. पिछले कुछ घंटों में अमेरिका-इज़रायल ने ईरान पर हमले बढ़ाए और ईरान ने मिसाइलों से जवाब दिया.

इधर ट्रंप का संबोधन, उधर ईरान के सैन्य ठिकाने पर हमला; Video

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ट्रंप का संबोधन, क्यों गिनवाए वियतनाम और विश्व युद्ध? समझिए

ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. ट्रंप ने अपने संबोधन में वर्ल्ड व़र समेत तमाम पुराने युद्धों का जिक्र कर हर किसी को हैरान किया. सवाल है कि आखिर ट्रंप क्या बताने चाहते थे? समझिए.

Artemis II मिशन से क्या हासिल करना चाहता है NASA? जानें 10 दिनों की मून ऑर्बिट का फुल प्लान

अपोलो युग के बाद पहली बार इंसानों को चांद के करीब भेजने वाला नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन बुधवार को लॉन्च हो गया है. दस दिनों के इस सफर में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा का चक्कर लगाकर सुरक्षित धरती पर वापस लौटेंगे. ये मिशन भविष्य के मून लैंडिंग अभियानों का रास्ता साफ करेगा.

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'ऑपरेशन अच्छा चल रहा, 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा कदम उठाएंगे', ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें

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सैन डिएगो की क्लब डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि युवा अमेरिकी सैनिक अपनी आने वाली तैनाती के बारे में बेझिझक जानकारी दे रहे हैं. ये क्लब नेवल बेस सैन डिएगो और कैंप पेंडलेटन जैसे बड़े मिलिट्री बेस के पास है. हालांकि, डेज ने किसी विशेष यूनिट या मिशन की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उसके दावों को अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

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