
काश, सीट ना बदली होती तो मेरा भाई जिंदा होता..., प्लेन क्रैश में जिंदा बची लड़की की दर्दनाक कहानी
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साल 1995 के दिसंबर महीने में न्यू जर्सी से कोलंबिया जा रहा एक विमान पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया. विमान में 155 लोग सवार थे, जिनमें सिर्फ चार लोग ही जिंदा बच पाए. इन लोगों में एक बच्ची और उसके पिता भी शामिल थे. उसी बच्ची ने हादसे के बाद का अनुभव साझा किया था, जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा.
नेपाल के पोखरा में रविवार को प्लेन क्रैश में 70 लोगों की जान चली गई. दो यात्री अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. येति एयरलाइंस का विमान एटीआर-72 काठमांडू से यात्रियों को लेकर पोखरा जा रहा था. पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग से कुछ मिनटों पहले ही यह हादसा हो गया.
काठमांडू एयरपोर्ट से जब लोग विमान में सवार हुए होंगे तो किसी ने ऐसी दर्दनाक मौत की कल्पना भी नहीं की होगी. इस क्रैश में फ्लाइट क्रू से लेकर यात्रियों तक, किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है. हालांकि, दुनिया में ऐसे कई विमान क्रैश हुए हैं, जिनमें कुछ किस्मत के धनी लोग जिंदा बचकर घर पहुंच गए.
विमान के हादसों में इंसान अगर जिंदा भी बच जाए तो जिंदगी भर उसके लिए यह डरावने सपने जैसा रहता है. क्रैश में बचने वाले जब अपना अनुभव साझा करते हैं तो सुनने वालों के रोंगटे तक खड़े हो जाते हैं.
ऐसी ही कहानी मिशेल डूसन (Michelle Dussan) की भी है, जो कोलंबिया में साल 1995 के दिसंबर महीने में हुए प्लेन क्रैश में पिता के साथ जिंदा बच गई थीं. जबकि उनकी मां, भाई और एक चचेरा भाई उस हादसे में नहीं बच पाया था. मिशेल ने जो अपना अनुभव बयां किया, वह वाकई में काफी भयावह है.
विमान में बैठने तक, उस दिन सबकुछ ऐसा था मिशेल ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, ''मेरा बचपन एकदम शानदार था. मैं न्यू जर्सी में पैदा हुई और वहीं पली-बढ़ी. साल 1995 में मेरे छठे जन्मदिन के करीब एक महीने बाद दिसंबर में हमारा पूरा परिवार एक फैमिली फंक्शन में शामिल होने कोलंबिया जाने की तैयारी कर रहा था. यह पहली बार था, जब मैं फ्लाइट से कहीं जा रही थी.''
मिशेल ने बताया कि, "हम लोग जल्दी-जल्दी एयरपोर्ट पहुंचे. विमान ने थोड़ी देरी के साथ उड़ान भरी. उड़ान भरने के बाद सबकुछ ठीक चल रहा था. मैंने अपने भाई से विंडो सीट लेने के लिए झगड़ा भी किया. इसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है. हालांकि, मेरे पिता को थोड़ा बहुत जरूर याद हैं. वे बताते हैं कि उस समय पूरी फ्लाइट में लोग चीख रहे थे, मदद मांग रहे थे.''

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