
'कभी नहीं कहा पूरा ब्रिटेन नस्लवादी है', कॉमेडियन ट्रेवर नूह ने अपने बयान पर दी सफाई
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अमेरिकी न्यूज प्रोग्राम 'द डेली शो' पर ट्रेवर नूह ने कहा था कि सुनक पर तंज कसे गए. ब्रिटेन में उनकी टिप्पणियों की आलोचना की गई, जिसमें पूर्व चांसलर और पाकिस्तानी मूल के कंजरवेटिव पार्टी के नेता साजिद जाविद सहित कई लोगों ने नूह को गलत बताया.
प्रसिद्ध कॉमेडियन और टेलीविजन होस्ट ट्रेवर नूह ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति पर दी गई अपनी टिप्पणी पर सफाई पेश की है. उन्होंने कहा, ''मैंने कभी नहीं कहा कि "पूरा ब्रिटेन नस्लवादी है" और केवल उन लोगों को जवाब दे रहे थे जो ऋषि सुनक को इस भूमिका में नहीं देखना चाहते थे." दरअसल, ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री सुनक ने मंगलवार को पदभार ग्रहण किया. एक पूर्व निवेश बैंकर से राजनेता बने 42 वर्षीय सुनक 210 वर्षों में सबसे कम उम्र के ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं. वह ब्रिटेन के पहले हिंदू प्रधानमंत्री भी हैं.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी न्यूज प्रोग्राम 'द डेली शो' पर ट्रेवर नूह ने कहा था कि सुनक पर तंज कसे गए. ब्रिटेन में उनकी टिप्पणियों की आलोचना की गई, जिसमें पूर्व चांसलर और पाकिस्तानी मूल के कंजरवेटिव पार्टी के नेता साजिद जाविद सहित कई लोगों ने नूह को "गलत" बताया.
लेकिन 38 वर्षीय नूह ने अब यह कहते हुए अपने बयान का बचाव किया है कि वह नस्लवादियों पर प्रतिक्रिया कर रहे थे, और "इसलिए मैंने कहा- 'कुछ लोग'." अमेरिकी कार्यक्रम पर नूह ने कहा था, "आप बहुत से लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं 'ओह, वे कब्जा कर रहे हैं, अब भारतीय ब्रिटेन को संभालने जा रहे हैं और अब आगे क्या?'
रिपोर्ट में कहा गया है कि अपनी स्किट के दौरान नूह ने एक हफ्ते पहले नवीनतम कंजर्वेटिव लीडरशिप रेस के दौरान रेडियो स्टेशन एलबीसी से एक क्लिप चलाई, जब एक कॉलर ने सुनक को "ब्रिटिश भी नहीं" होने का झूठा दावा किया.
कंजरवेटिव पार्टी के नेता साजिद जाविद ने जवाब में ट्वीट किया कि कॉमेडियन की टिप्पणियां "इतनी गलत" थीं और यह कि ब्रिटेन "पृथ्वी पर सबसे सफल बहुजातीय लोकतंत्र है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व करता है".
प्रसेंटर पियर्स मॉर्गन ने भी ट्वीट किया कि अमेरिकी मीडिया "ब्रिटेन को एक नस्लवादी देश के रूप में गलत तरीके से चित्रित कर रहा है". नूह ने शुक्रवार शाम को इसका जवाब देते हुए कहा, "पियर्स, तुम इससे ज्यादा चालाक हो. उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा था कि पूरा ब्रिटेन नस्लवादी है, मैं उन नस्लवादियों को जवाब दे रहा था जो अपनी जाति के कारण ऋषि को पीएम के रूप में नहीं देखना चाहते हैं. इसलिए मैंने कहा था- "कुछ लोग".

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