
कपल ने खरीदा 130 साल पुराना मकान, अंदर सुरंग और सीक्रेट रूम देख रह गए हैरान!
AajTak
कपल को एक लेटर के जरिए घर के अंदर गुप्त कमरों, सुरंगनुमा तहखानों आदि का पता चला. इस लेटर को घर के पूर्व मालिक ने उन्हें भेजा था. घर में रहते हुए इन चीजों से कपल अनजान था कि उनके घर में ऐसी-ऐसी सीक्रेट जगहें हैं. उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर टिकटॉक पर अपलोड किया है.
एक कपल ने हाल ही में एक आलीशान घर खरीदा. ये घर करीब 130 साल पुराना था. लेकिन इस बीच उन्हें घर के बारे में ऐसी-ऐसी चीजें पता चली कि वे हैरान रह गए. एक लेटर के जरिए घर के अंदर गुप्त कमरों, सुरंगनुमा तहखानों आदि का खुलासा हुआ. इस खुलासे वाले लेटर को घर के पूर्व मालिक ने उन्हें भेजा था. घर में रहते हुए कपल इन चीजों से अनजान था. कर्टनी और मैट नाम के इस कपल ने TikTok पर एक वीडियो बनाकर अपने घर के अंदर बने सीक्रेट कमरे, तहखाने और अन्य चीजों को दिखाया है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है. इस वीडियो को 15 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं.
अपने वीडियो में कर्टनी कहती हैं कि हमें 'खरीददार' के नाम से एक लेटर मिला, जिसमें कहा गया कि इसे कनाडा से किसी ने भेजा है. लेटर भेजने वाले ने लिखा था कि मैं मैडिसन परिवार का आखिरी जीवित सदस्य हूं. मैं कभी इस घर का मालिक हुआ करता था और मैं इसी में पला-बढ़ा हूं. मैं आपको गुप्त कमरों और कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताना चाहता हूं, जो आपको घर खरीदते समय नहीं बताई गई होंगी.
वीडियो में कर्टनी और मैट लेटर में लिखी बातों के हिसाब घर की तलाशी लेते हैं और वे उस वक्त हैरान रह जाते हैं जब उन्हें गुप्त कमरों, तहखाने, अलमारी आदि का पता चलता है.
सबसे पहले कपल को एक सीक्रेट अलमारी का पता चलता है. इसमें शराब की बोतलें छुपाकर रखी गई थीं. सालों बाद इस अलमारी को खोलने के कारण उसमें काफी धूल जमा थी. कपल ने बताया कि इसमें रखीं सील पैक शराब की बोतलें दशकों पुरानी थीं.
इसके बाद कर्टनी और मैट को बाथरूम में एक गुप्त कमरे का पता चला. यह कमरा बेहद छोटा था. कर्टनी ने इसे डरावना बताया. कमरे के बाद कपल को घर में एक सुरंगनुमा तहखाने का पता चला, जहां वे एक छोटे से दरवाजे से होकर पहुंचे थे. वह काफी बड़ी जगह थी और चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ था.
वीडियो पर कई TikTok यूजर्स ने रिएक्ट किया है. एक यूजर ने लिखा- अच्छा लगा कि पिछले मालिक ने आपको घर के बारे में सब कुछ बताते हुए एक लेटर भेजा. दूसरे यूजर ने लिखा- यह किसी खजाने की खोज जैसा है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.








