
औरंगाबाद का नाम बदलते समय उद्धव सरकार अल्पमत में थी, हमारी सरकार कल लेगी फैसला: CM शिंदे
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महाराष्ट्र के सीएम शिंदे ने कहा कि जिस समय उद्धव सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर शंभाजी नगर करने का फैसला किया था, उस समय सरकार अल्पमत में थी, हमारी सरकार शनिवार की कैबिनेट बैठक में ये फैसला करेगी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलकर शंभाजी नगर करने का फैसला हमारी सरकार करेगी. उन्होंने बताया कि इसको लेकर कल कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा. शिंदे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार ने जिस समय कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया था, उस समय उद्धव सरकार अल्पमत में थी.
महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच उद्धव ठाकरे सरकार ने 29 जून की कैबिनेट बैठक में 'हिंदुत्व कार्ड' चलते हुए औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदलने को मंजूरी दे दी थी. जिस समय औरंगाबाद का 'संभाजी नगर' और उस्मानाबाद का 'धाराशिव' नाम करने का प्रस्ताव पास किया गया था, उस समय शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में गोवा में थे.
शिवसेना लंबे समय से कर रही थी मांग
औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने की मांग शिवसेना लंबे समय से करती आ रही थी. शिवसेना और उद्धव ठाकरे अकसर औरंगाबाद को संभाजी नगर कहकर ही संबोधित किया करते थे. वहीं, उस्मानाबाद का नाम भी धाराशिव की मांग शिवसेना की थी.
कांग्रेस-NCP का नहीं मिल रहा था साथ
हालांकि, कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के बाद शिवसेना की इन दोनों बातों को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिल रहा था. कांग्रेस अकसर औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदलने पर आपत्ति जताती रहती थी, लेकिन जब महाराष्ट्र में सियासी संकट चल रहा था और उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व को साइडलाइन करने के आरोप लग रहे थे, तब सरकार ने इन दोनों जगहों के नाम बदलने को मंजूरी दे दी.

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