
ऑयल मार्केट को सऊदी का 'लॉलीपॉप', भारत को लगेगा करारा झटका!
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ओपेक प्लस के मुखिया सऊदी अरब ने तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा की है. इस घोषणा के बाद से ही एशियाई बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है. माना जा रहा है कि इस कटौती का भारत पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है.
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ ने तेल उत्पादन में भारी कटौती की घोषणा की है. सऊदी ने कहा है कि वह जुलाई में 10 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती करेगा. इसके बाद से ही एशियाई तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है. ओपेक प्लस ने यह भी कहा है कि 2024 में तेल उत्पादन में कटौती के इस लक्ष्य को बढ़ाकर 14 लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया जाएगा.
OPEC+ का दुनिया के कच्चे तेल में लगभग 40% हिस्सा है और इसके फैसलों का तेल की कीमतों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. ओपेक प्लस 13 तेल उत्पादक देशों का संगठन है जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, रूस, ईरान, इराक, कुवैत आदि देश शामिल हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेल उत्पादन में कटौती का असर सोमवार को एशियाई बाजार में भी दिखा और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 2.4% की वृद्धि हुई और यह 77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
रविवार को रूस के नेतृत्व में ओपेक प्लस की बैठक हुई जिसमें तेल समृद्ध देशों ने तेल की गिरती कीमतों को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की.
रूसी उप प्रधान मंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने बताया कि ओपेक प्लस ने अक्टूबर 2022 से तेल उत्पादन में कटौती की शुरुआत की थी और तब से कुल उत्पादन कटौती 36.6 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गई है. ओपेक प्लस ने पहले ही तेल उत्पादन में 20 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती की है जो कि वैश्विक मांग का लगभग 2% था.
तेल बाजार को सऊदी का 'लॉलीपॉप'

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