
ऋषि सुनक ने पार्टी के सदस्यों को मिलाया फोन, चुनाव में खराब प्रदर्शन पर मांगी माफी
AajTak
आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार के बाद पूर्व ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक पार्टी के पूर्व सांसदों को फोन कर माफी मांग रहे हैं. पार्टी के सदस्यों ने बताया कि वह सभी को फोन कर कह रहे हैं कि उन्हें बेहद दुख हैं.
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कंजर्वेटिव पार्टी के उन उम्मीदवारों को फोन किया जो पिछले हफ्ते आम चुनाव में अपनी सीट हार गए थे. उन्होंने पार्टी सदस्यों को फोन कर पार्टी के सबसे खराब प्रदर्शन के लिए माफी मांगी.
समाचार एजेंसी के अनुसार, संसद के कई पूर्व सदस्यों ने बताया कि उन्हें पूर्व पीएम और ब्रिटिश भारतीय सांसद ऋषि सुनक ने उनको फोन किया और बात की. आम चुनाव में ऋषि सुनक ने यॉर्कशायर में रिचमंड और नॉर्थलेर्टन की अपनी सीट जीतीं और टोरीज की तरफ से अपना उत्तराधिकारी चुने जाने तक विपक्ष के नेता बने रहेंगे,जब तक की टोरीज उनके उत्तराधिकारी का चुनाव नहीं कर लेते.
एक निर्विरोध टोरी सांसद ने कहा कि ऋषि सुनक ने मुझे शनिवार की रात फोन करने के लिए वक्त निकाला और मुझे लगता है कि उन्होंने अन्य सांसदों को फोन करने के लिए भी समय निकालकर बात की.
कंजर्वेटिव पार्टी नेता के रूप में उनकी जगह लेने के प्रबल दावेदारों में पूर्व गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन हैं जो ऋषि सुनक के नेतृत्व की खुले तौर पर आलोचना करती रही हैं. इस रेस में भाग लेने वाले अन्य लोगों में दो और पूर्व गृह सचिव प्रीति पटेल, जेम्स क्लेवरली और पूर्व व्यापार सचिव केमी बाडेनोच शामिल हैं.
इसके अलावा सुनक कैबिनेट के पूर्व मंत्री, विक्टोरिया एटकिन्स और टॉम तुगेंदट के भी मैदान में उतरने की संभावनाएं हैं. जब प्रतियोगिता की रूपरेखा पार्टी की 1922 समिति द्वारा तैयार की जाएगी जो चुनाव के बाद अपने नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी.
जल्द विदेश यात्रा पर जाएंगे कीर स्टार्मर!

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.







