
उफनती नदियां, टूटे तटबंध... सैटेलाइट की तस्वीरों में कैद हुआ बाढ़ ग्रस्त उत्तर भारत
AajTak
देश के कई राज्यों में बारिश आफत बनकर बरस रही है. राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों में हालात बहुत खराब हैं. इन राज्यों में आए दिन लैंडस्लाइड, बादल फटने और बाढ़ की घटनाएं सामने आ रही हैं. सैटेलाइट द्वारा जारी की गई तस्वीरों में भी बाढ़ ग्रस्त उत्तर भारत साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.
उत्तर भारत में भारी बारिश के कारण राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और घर ढहने की घटनाएं सामने आई हैं. कई उत्तर भारतीय राज्यों में मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी जान-माल के नुकसान की खबरें हैं. हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 338 सड़कें बंद हो गई हैं. सैटेलाइट तस्वीरों में देखें बाढ़ ग्रस्त उत्तर भारत आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में गंभीर रूप से जलभराव की वजह से सड़कों से लेकर घरों तक हर जगह पानी ही पानी है. वहीं, हिमाचल में सतलुज नदी उफान पर है, जिसके कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. भारी बारिश के कारण व्यास नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे मंडी में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. बीते रविवार सतलुज व्यास उपग्रह से ली गई तस्वीरों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि सतलुज नदी से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद घग्गर नदी का जलस्तर उफान पर है और इसकी धारा लगभग 380 मीटर चौड़ी हो गई है. घग्गर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि शिमला में 104, मंडी में 71 और सिरमौर में 58 सड़कें बंद हैं. इसके अलावा बिजली की 488 और पानी की 116 आपूर्ति लाइनें बाधित हुई हैं. बारिश बनीं आफत बता दें कि रविवार शाम से नागल में 115 मिमी, कसौली में 87 मिमी और ऊना में 56 मिमी बारिश दर्ज हुई है. वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त से 55 लोग लापता हैं, जिनमें शिमला और कुल्लू जिलों के समेज व बागीपुल क्षेत्र के 33 लोग शामिल हैं. हरियाणा और पंजाब के रोपड़, आनंदपुर साहिब और होशियारपुर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के भुंतर, खराल, मंडी और तारादेवी जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. पंजाब में एक महीने के अंदर दूसरी बार गांवों में बाढ़ आई हुई है, जिससे खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं, हरियाणा के यमुनानगर जिले के कई गांव सोम नदी के तटबंध में दरार आने के बाद जलमग्न हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







