
ईरान पर करेंगे हमला या पीछे खींचेंगे कदम... युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन में मतभेद!
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के रुख को लेकर व्हाइट हाउस के भीतर मतभेद उभरे हैं. सहयोगियों का कहना है कि मतदाता महंगाई और रोजमर्रा की लागत को लेकर ज्यादा चिंतित हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर सैन्य जमावड़ा किया है. अरब सागर में सैन्य तैनाती की वजह से तनाव बढ़ा हुआ है. यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका में अगले कुछ महीने में मिडटर्म चुनाव होने हैं. ऐसे में प्रशासन के भीतर ही कई सहयोगी उन्हें आगाह कर रहे हैं कि चुनाव से पहले ईरान की बजाय अर्थव्यवस्था पर फोकस ज्यादा जरूरी है.
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रंप की कड़ी बयानबाज़ी के बावजूद ईरान पर हमले को लेकर प्रशासन में "एकजुट समर्थन नहीं" है. अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हमें ऐसे संदेश से बचना होगा जो मतदाताओं को यह लगे कि सरकार भटक गई है, जबकि वे महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर चिंतित हैं."
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एक ब्रिटिश न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हफ्ते कैबिनेट सचिवों के साथ एक निजी ब्रीफिंग में रिपब्लिकन कैंपेन अधिकारियों ने साफ कहा कि चुनावी एजेंडा का प्रमुख मुद्दा अर्थव्यवस्था होना चाहिए. ट्रंप उस बैठक में मौजूद नहीं थे.
रिपब्लिकन एडवाइजर ने कहा, "लंबा खिंचने वाला संघर्ष ट्रंप और पार्टी दोनों के लिए राजनीतिक खतरा बन सकता है." ट्रंप की राजनीति विदेशी टकराव को कम करने पर आधारित है, और 'फॉरएवर वॉर्स' को खत्म करना उनका वादा रहा है.
दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस के एक अन्य अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा, "राष्ट्रपति की विदेश नीति अमेरिकी लोगों के लिए जीत में बदली है. उनके हर कदम में 'अमेरिका फर्स्ट' है, चाहे दुनिया को सुरक्षित बनाना हो या आर्थिक लाभ हासिल करना हो."

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5 दिनों के युद्ध विराम के दावे की धज्जियां उड़ा दी है. रेजाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जंग थमेगी नहीं बल्कि और तेज होगी साथ ही उन्होनें चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्स्ट्रराक्चर को अगर छुआ भी गया तो अमेरिका को गहरी चोट मिलेगी.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं.इधर इराक बगदाद में विक्टोरिया हवाई अड्डे पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है. जानकारी के मुताबिक इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने विक्टोरिया बेस को निशाना बनाकर हमला किया. यहां पर अमेरिकी सेना तैनात है.

इजरायल पर ईरान के हमले जारी हैं. ईरान ने ऐसे ही एक हमले का वीडियो जारी किया है. ये वीडियो तेल अवीव पर मिसाइल दागने का बताया जा रहा है. इजरायल की एम्बुलेंस सर्विस की मानें तो ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में 16 लोग मारे गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में ईरानी मिसाइल हमले में 4 फिलिस्तीनी महिलाओं की मौत हो गई.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.








