
'इस्तीफा दो, तब ही मिलेगा हेलीकॉप्टर...', जब Gen Z प्रोटेस्ट के बीच ओली ने मांगी मदद तो सेना प्रमुख ने रख दी शर्त
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नेपाल की राजधानी काठमांडू जब Gen Z प्रदर्शन के हिंसक होने की वजह से आग की लपटों में जल रही थी. तब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने लिए सेना प्रमुख से एक हेलीकॉप्टर मांगा था. लेकिन आर्मी चीफ अशोक राज सिगडेल ने ओली के सामने अपनी शर्त रखी. इसी शर्त की वजह से ओली को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा और उनकी सरकार का पतन हो गया.
नेपाल में बीते दिनों हुए Gen Z आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. जब काठमांडू की सड़कों पर केपी शर्मा ओली के खिलाफ गुस्सा भड़का और उग्र प्रदर्शनकारी उनके दरवाजे पर मंडरा रहे थे, तो पहले से ही हताश ओली हड़बड़ा गए. घर में घिरे ओली ने फोन उठाया और नेपाली सेना प्रमुख को कॉल करके राजधानी से हेलीकॉप्टर उड़ाने का अनुरोध किया. लेकिन सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल का जवाब बेहद सख़्त था.
सेना प्रमुख ने ओली के सामने रखी शर्त
नेपाली समाचार पोर्टल 'उकेरा' की रिपोर्ट के मुताबिक सेना प्रमुख ने पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री से कहा, 'आपके इस्तीफ़े के बाद ही हेलीकॉप्टर मिलेगा.' अस्थिर शेर बहादुर देउबा सरकार के पतन के बाद 2024 में सत्ता में लौटे ओली को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, संसाधनों के कुप्रबंधन और सत्तावादी होने के आरोपों की वजह से आलोचना और जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा. लेकिन आठ सितंबर से शुरू हुए जेनरेशन जेड प्रदर्शनकारियों के आंदोलन ने केपी शर्मा ओली को हाशिए पर धकेल दिया.
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उकेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जब उग्र भीड़ ने 9 सितंबर को सरकारी इमारतों और राजनेताओं के घरों पर धावा बोल दिया, तो घबराए ओली ने सेना प्रमुख सिगडेल को फोन करके हेलीकॉप्टर भेजने की मांग की थी, लेकिन उन्हें शर्तों के साथ जवाब मिला. नेपाल में हिंसा एक दिन पहले 8 सितंबर को भड़की थी, जब सोशल मीडिया साइटों पर सरकार की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जानलेवा हो गया. तब तक इन विरोध प्रदर्शनों में 19 लोगों की जान जा चुकी थी और 300 से ज़्यादा घायल हो गए थे. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब तक मरने वालों की संख्या 72 हो गई है.
युवाओं के गुस्से से बेखबर थे ओली

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