
इमान मजारी: PAK आर्मी को दहशतगर्द बताने वाली पाकिस्तानी लड़की! आवाज उठाते ही हो गई 'किडनैप'
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पाकिस्तान में सेना के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब है मौत को न्योता देना. ऐसे में इमरान सरकार में मंत्री रहीं इमान मजारी ने पाक सेना को दहशतगर्द बता दिया. बयान देने के अगले दिन ही सिविल ड्रेस में कुछ लोग उनके घर आए और उन्हें अपने साथ लेकर चले गए.
देश की राजधानी के बीचोंबीच पश्तून तहफुच मूवमेंट (PTM) जलसे का आयोजन किया जाता है. सियासत, आर्थिक बदहाली और सेना के सताए हुए हजारों लोग बढ़-चढ़कर उसमें हिस्सा लेते हैं. बयानबाजी होती है. पूर्व मानव अधिकार मंत्री की बेटी भाषण देने मंच पर पहुंचती है और आवेश में सेना के खिलाफ नारे लगाने लगती है. वह कहती है कि 'यह जो दहशतगर्दी है' और वहां मौजूद हजारों लोग एक साथ चिल्लाते हैं 'इसके पीछे वर्दी है.' रैली के ठीक अगले दिन सिविल ड्रेस में पुलिसवालों की एक टीम पूर्व मंत्री के घर पहुंचती है और उनकी लड़की को साथ ले जाती है. इस घटना को 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक लड़की का कोई अता-पता नहीं है. यह घटना पाकिस्तान की है.
जलसे में पाक सेना के खिलाफ नारे लगाने वाली लड़की इमरान खान सरकार में मंत्री रहीं शिरीन मजारी की बेटी इमान हाजिर मजारी (Imaan Hazir Mazari) है. दो दिन पहले 18 अगस्त को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक रैली (जलसे) का आयोजन किया गया. जलसा ठीक सुप्रीम कोर्ट के सामने हुआ. इसमें पश्तून समुदाय के कई नेताओं ने शिरकत की. जब इमान मजारी मंच पर पहुंची तो उन्होंने सेना को कोसना शुरू कर दिया. इमान मजारी ने रैली में कहा कि पाकिस्तानी में होने वाले आतंकी हमलों के लिए पाक अर्मी ही जिम्मेदार है. वही, असली आतंकवादी हैं. इमान ने मंच से सेना के खिलाफ 'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है' जैसे नारे भी लगवाए.
सूरज निकलने से पहले पहुंची पुलिस
PAK की पूर्व मानव अधिकार मंत्री शिरीन का दावा है कि रैली के अगले दिन सूरज निकलने से पहले ही पुलिस उनके घर पहुंच गई और उनकी बेटी को किडनैप कर लिया गया है. सादी वर्दी में आई टीम ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा और घर की तलाशी लेने लगे. जब शिरीन ने उनसे पूछा कि वह क्यों आए हैं? तो कुछ पुलिसकर्मियों ने इमान को घर से बार निकाला और अपने साथ लेकर जाने लगे. इस दौरान इमान ने उनसे कहा कि उसने घर के कपड़े पहन रखे हैं, कम से कम उसे कपड़े तो बदल लेने दिए जाएं, लेकिन पुलिसकर्मिों ने उसकी कोई बात नहीं सुनी और वे उसी हालत में उसे साथ ले गए.
घर में थीं सिर्फ 2 महिलाएं

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