
अमेरिका ने 3 बार रिजेक्ट किया था वीजा, आज US में 90 अरब डॉलर की कंपनी चलाता है ये भारतवंशी
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भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी संजय मेहरोत्रा भारत दौरे पर हैं. वो वाइब्रेंट गुजरात समिट में शामिल होने आए हैं. मेहरोत्रा अमेरिका की जानी-मानी टेक कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ हैं. लेकिन एक वक्त ऐसा था जब अमेरिका ने तीन बार उनकी वीजा एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया था.
भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी संजय मेहरोत्रा 'वाइब्रेंट गुजरात समिट' में शामिल होने के लिए भारत आए हैं. मेहरोत्रा अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ हैं. ये कम्प्यूटर मेमोरी और कम्प्यूटर डेटा स्टोरेज की डिवाइसेस बनाती है, जिसमें रैम, फ्लैश मेमोरी और यूएसबी ड्राइव शामिल हैं.
समिट में शामिल होने भारत आए मेहरोत्रा ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात सेमीकंडक्टर जैसी अहम तकनीक पर चर्चा करने के लिए बड़ा मंच है. इससे बड़ा मंच मुझे आज तक नहीं मिला.
मेहरोत्रा की कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी भारत में बड़ा निवेश भी करने जा रही है. गुजरात के साणंद में एक प्लांट भी बना रही है. गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर इसके बारे में भी जानकारी दी. इससे पहले पिछले साल जून में जब पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा पर गए थे, तो माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने भारत में 82.5 करोड़ डॉलर का निवेश करने का वादा किया था.
अक्टूबर 1978 में बनी माइक्रोन टेक्नलॉजी की गिनती दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में होती है. आज के समय में इस कंपनी की मार्केट कैप 91 अरब डॉलर (लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये) है.
आज मेहरोत्रा जहां सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियों में से एक की कमान संभाल रहे हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब अमेरिका ने तीन बार उनकी वीजा एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया था.
क्यों कर दिया था वीजा रिजेक्ट?

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