
अमरनाथ यात्रा में फुल प्रूफ सुरक्षा प्लान, इन 12 पॉइंट से समझिए MHA की खास तैयारियां
AajTak
इस साल अमरनाथ यात्रा जम्मू कश्मीर में 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त तक चलेगी. अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू हो गई है.
अमरनाथ यात्रा को लेकर सरकार की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रा को लेकर एक बैठक की और फैसला लिया कि अमरनाथ यात्रा फुल प्रूफ सुरक्षा में होगी. अर्द्ध सैनिक बलों की संख्या इस साल और ज्यादा बढ़ाई जाएगी. बता दें कि दो साल बाद अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है. ये यात्रा 43 दिन तक चलेगी.
इस साल अमरनाथ यात्रा जम्मू कश्मीर में 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त तक चलेगी. अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू हो गई है. श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.
शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा को शांति और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए गृह मंत्रालय ने उच्च स्तरीय सुरक्षा रिव्यू मीटिंग की. इसमें फुलप्रूफ सुरक्षा देने का निर्णय लिया है. गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में CRPF, NIA, BSF, IB के डीजी के साथ बीआरओ और टेलीकॉम मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए.
इस बैठक में जम्मू कश्मीर की वर्तमान सुरक्षा और टारगेटेड किलिंग पर भी चर्चा की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रा पर अपनी जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें बताया है कि आतंकी किस तरीके से खतरा पैदा कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, जो अंदेशा जताया जा रहा है, उनमें 5 बड़ी चिंताजनक बातें उभरकर सामने आ रही हैं.
1- ग्रेनेड के जरिए यात्रियों को निशाना बनाया जा सकता है. 2- यात्रियों के कैंप पर आतंकी हमले की साजिश हो सकती है. 3. आईईडी धमाके के जरिए भी निशाना बनाया जा सकता है. 4. आतंकी ड्रोन से हथियार भेज सकते हैं. 5- कार में IED का इस्तेमाल कर निशाना बना सकते हैं.
इधर, इन खतरों से निपटने के लिए सुरक्षाबलों ने भी खास तैयारी की है. सूत्रों के मुताबिक, किसी भी आतंकी घटना को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इनमें..













