
अबाया पहनकर मस्जिद में दीपिका पादुकोण ने किया शूट, भड़के यूजर्स, उठाए सवाल
AajTak
यूजर्स अबू धाबी सरकार और एक्टर्स की भी आलोचना कर रहे हैं कि उन्होंने एक प्रार्थना स्थल को प्रचार के लिए इस्तेमाल किया. तो वहीं दूसरी तरफ दीपिका पादुकोण के मुस्लिम परिधान पहनने पर नाराजगी जताई जा रही है. उनका 'माय चॉइस' वीडियो इस बीच वायरल हो गया है.
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह अपने नए विज्ञापन को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. इस विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है. अबू धाबी के टूरिज्म का प्रचार करती इस वीडियो में दीपिका को मुस्लिम परिधान अबाया पहने देखा गया. इसके चलते उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें शेख जायद ग्रैंड मस्जिद के परिसर में शूटिंग के दौरान इसे पहनने के लिए मजबूर किया गया था.
दीपिका के पीछे पड़े ट्रोल्स
दूसरी तरफ यूजर्स अबू धाबी सरकार और एक्टर्स की भी आलोचना कर रहे हैं कि उन्होंने एक प्रार्थना स्थल को प्रचार के लिए इस्तेमाल किया. उन्होंने पवित्र परिसर में शूटिंग होने पर आपत्ति जताई है. साथ ही सवाल उठाया है कि इसे टूरिस्ट स्पॉट या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए मस्जिद को कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. ट्विटर पर दीपिका पादुकोण धड़ल्ले से ट्रेंड कर रही हैं. उन्हें लेकर ढेरों यूजर्स ने ट्वीट किए हैं.
एक यूजर ने ट्वीट किया, 'संयुक्त अरब अमीरात ने मस्जिद के परिसर में मॉडलिंग की अनुमति देकर इसकी पवित्रता का उल्लंघन किया है. पहले रिहाना और अब भारतीय एक्टर जोड़ी के साथ. मस्जिद एक प्रार्थना स्थल है. इसे पर्यटक आकर्षण के रूप में बढ़ावा देना मुझे असहज करता है.' इस ट्वीट के जवाब में एक यूजर ने लिखा, 'और उन्होंने दीपिका को बुर्का भी पहना दिया.'
दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, 'दीपिका पादुकोण का 'माय चॉइस' वाला वीडियो याद है? बिंदी पहनूं या न पहनूं, मेरी चॉइस है. मैं फैसला करूंगी कि मुझे क्या कपड़े पहनने हैं. अब दीपिका पादुकोण ने वीडियो बनाई है, जिसमें वो हिजाब पहनकर अबू धाबी में टूरिज्म का प्रचार कर रही हैं. माय चॉइस को क्या हो गया अब?'
सोशल मीडिया पर दीपिका पादुकोण का 'माय चॉइस' वीडियो भी वायरल हो गया है. यूजर्स का कहना है कि फेमिनिज्म के नाम पर लोगों को भाषण देने के बाद अब एक्ट्रेस ने खुद बुर्का पहन लिया है और अबू धाबी में टूरिज्म प्रमोट कर रही हैं. कुछ का कहना है कि ये दीपिका और रणवीर के प्रोफेशन का हिस्सा है. वो कभी भारतीय कल्चर को इस तरह प्रमोट नहीं करते.













