
US: ट्रम्प के घर छापे पर बड़ा खुलासा, न्यूक्लियर दस्तावेजों की तलाश में पहुंची थी FBI
AajTak
FBI ने हाल ही में ट्रम्प के फ्लोरिडा स्थित मार ए लागो घर पर छापेमारी की थी. इस दौरान एफबीआई ने वहां से दस्तावेजों से भरे एक दर्जन बॉक्स जब्त किए थे. इतना ही नहीं द न्यूज वीक से एफबीआई सूत्रों ने खुलासा किया है कि ये छापेमारी जानबूझकर ऐसे वक्त पर की गई, जब ट्रम्प घर पर नहीं थे.
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फ्लोरिडा स्थित घर पर छापे के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि एफबीआई ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के घर पर ये छापेमारी न्यूक्लियर दस्तावेजों समेत अन्य सामानों की तलाश में की थी. वॉशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से यह बड़ा दावा किया है.
दरअसल, FBI ने हाल ही में ट्रम्प के फ्लोरिडा स्थित मार ए लागो घर पर छापेमारी की थी. इस दौरान एफबीआई ने वहां से दस्तावेजों से भरे एक दर्जन बॉक्स जब्त किए थे. इतना ही नहीं द न्यूज वीक से एफबीआई सूत्रों ने खुलासा किया है कि ये छापेमारी जानबूझकर ऐसे वक्त पर की गई, जब ट्रम्प घर पर नहीं थे. अधिकारियों का मानना था कि ट्रम्प की मौजूदगी से कार्रवाई प्रभावित हो सकती है. इतना ही नहीं ट्रम्प रेड का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए भी कर सकते थे. आधिकारिक कागजातों की तलाश में थी रेड इससे पहले कहा गया था कि एफबीआई की ये रेड राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े आधिकारिक कागजातों की तलाश में है, जिन्हें ट्रम्प के व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद फ्लोरिडा लाया गया था. न्याय विभाग ट्रम्प के खिलाफ दो मामलों में जांच कर रहा है. पहला मामला 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को उलटने के प्रयास के मामले में और दूसरा दस्तावेजों को संभालने के संबंध में. अप्रैल मई में भी इस मामले में जांच एजेंसी ने फ्लोरिडा में ट्रम्प के करीबियों से पूछताछ की थी.
FBI के मुताबिक, एजेंसी प्रेसिडेंशियल रिकॉर्ड एक्ट और वर्गीकृत सामग्री के रखरखाव संबंधी कानूनों में संभावित उल्लंघन के मामले में जांच कर रही है. नेशनल आर्चीज एंड रिकॉर्ड एडमिनिस्ट्रेशन (NARA) ने 2022 में व्हाइट हाउस के रिकॉर्ड के 15 बक्से बरामद किए थे. ये बॉक्स मार-ए-लागो भेजे गए थे. उस समय NARA ने कहा था कि नियमों के मुताबिक, ट्रम्प के व्हाइट हाउस छोड़ने पर दस्तावेजों से भरे ये बॉक्स नेशनल आर्चीज भेजे जाने थे.
ट्रम्प ने बताया था काला दिन उधर, रेड को लेकर ट्रम्प ने बयान जारी कर जानकारी दी थी. डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया था कि पाम बीच पर स्थित मार ए लागो पर एफबीआई के अधिकारियों ने रेड डाली है और इसे सीज कर दिया है. ट्रम्प ने कहा था, यह हमारे देश के लिए काला वक्त है. अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. यह न्याय तंत्र का हथियार के तौर पर गलत इस्तेमाल करने जैसा है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.






