
PM मोदी ने नाइजीरिया के राष्ट्रपति टीनुबू से की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबु से राष्ट्रपति भवन में उनका स्वागत किया. ये पहला मौका है 17 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नाइजीरिया की यात्रा पर पहुंचे हैं. पीएम और नाइजीरिया के राष्ट्रपति के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों देश के राष्ट्राध्यक्ष बैठक में चर्चा करते हुए दिख रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबु के निमंत्रण पर अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में नाइजीरिया पहुंचे, जहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने पीएम मोदी का स्वागत किया. ये पहला मौका है 17 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नाइजीरिया की यात्रा पर पहुंचे हैं.
पीएम और नाइजीरिया के राष्ट्रपति के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों देश के राष्ट्राध्यक्ष बैठक में चर्चा करते हुए दिख रहे हैं. चर्चा के बीच दोनों देश अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं. बातचीत से पहले नाइजीरिया के प्रेसिडेंशियल विला में पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइजीरिया के अबुजा पहुंचे, जहां संघीय राजधानी क्षेत्र मंत्री नीसोम एज़ेनवो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिन्होंने प्रधानमंत्री को अबुजा 'की टु द सीटी' भेंट की. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पर देर रात एक पोस्ट में कहा, ''यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री को दिए गए विश्वास और सम्मान का प्रतीक है.'
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi and Nigerian President Bola Ahmed Tinubu hold a meeting at President House in Abuja. (Video: DD News) pic.twitter.com/3ERPKyYh6W
मराठी समुदाय से की मुलाकात

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







