
G20 के कार्यक्रम में ब्राजील की फर्स्ट लेडी ने एलॉन मस्क को कहे अपशब्द, बोलीं-... मैं तुमसे नहीं डरती
AajTak
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की पत्नी यानी ब्राजील की फर्स्ट लेडी जान्जा लूला डी सिल्वा ने शनिवार को G20 के एक कार्यक्रम में अरबपति एलॉन मस्क के खिलाफ अपशब्द कहे. जान्जा ने ये बातें तब कहीं जब वह सोशल मीडिया को नियंत्रित करने की जरूरत पर बात कर रही थीं, ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की पत्नी यानी ब्राजील की फर्स्ट लेडी जान्जा लूला डी सिल्वा ने शनिवार को G20 के एक कार्यक्रम में अरबपति एलॉन मस्क के खिलाफ अपशब्द कहे. जान्जा ने ये बातें तब कहीं जब वह सोशल मीडिया को नियंत्रित करने की जरूरत पर बात कर रही थीं, ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके.
क्या बोली जान्जा डी सिल्वा
दरअसल, वह जब एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं तभी एक जहाज की आवाज सुनाई दी. उन्होंने मजाक करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह एलॉन मस्क है," इसके बाद उन्होंने जोड़ा, "मैं तुमसे नहीं डरती, फ... यू, एलॉन मस्क."
मस्क ने भी दी प्रतिक्रिया
मस्क ने उनकी टिप्पणी का वीडियो देखने के बाद एक हंसी के इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी. एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'ब्राजील में वो अगला चुनाव हारने जा रही हैं.' बता दें कि इस साल मस्क के सोशल मीडिया नेटवर्क X को ब्राज़ील में एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था. ब्राजील में एक्स पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप भी लगा था.
यह भी पढ़ें: 16-21 नवंबर के बीच पीएम मोदी का नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना का दौरा, जानें पूरा शेड्यूल

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार यानि 18 जनवरी को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद बुलाई गई. जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर कई यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है. जर्मनी और फ्रांस सहित यूरोपीय संध के प्रमुख देशों ने ट्रंप की इस धमकी की कड़ी निंदा की है.

दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ रही है. अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नीतियां विवादों में हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तुलना हिटलर की तानाशाही से की जा रही है. वेनेज़ुएला पर हमला करने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की धमकी के बाद अमेरिका ने यूरोप के आठ NATO देशों पर टैरिफ लगाया है.

इस चुनाव में तकाईची अपनी कैबिनेट की मजबूत लोकप्रियता के सहारे चुनाव में उतर रही हैं. उनका कहना है कि वो ‘जिम्मेदार लेकिन आक्रामक’ आर्थिक नीतियों के लिए जनता का समर्थन चाहती हैं, साथ ही नए गठबंधन को भी स्थिर जनादेश दिलाना चाहती हैं. गौरतलब है कि ये चुनाव पिछले निचले सदन चुनाव के महज 18 महीने के भीतर हो रहा है. पिछला आम चुनाव अक्टूबर 2024 में हुआ था.










