
China Taiwan Crisis: दुनिया के तीन ताकतवर मुल्कों ने मिलकर चीन को क्यों धमकाया?
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यूएस स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे पर चीन अभी भी भड़का हुआ है. वह ताइवान को घेर रहा है. मिसाइलें दाग रहा है. वह इसे लाइव फायर ड्रिल का नाम दे रहा है. वहीं अमेरिका- ऑस्ट्रेलिया और जापान ने एक संयुक्त बैठक में चीन को चेताया है कि वह इस तरह के हमले बंद कर दे. इससे अस्थिरता और अशांति फैल रही है.
चीन और ताइवान के बीच बीते कुछ दिनों से तनातनी जारी है. ताइवान को चीन चारों तरफ से घेर चुका है. उसके निशाने पर 6 अहम बंदरगाह हैं. चीन लगातार लाइव फायर ड्रिल के नाम पर ताइवान को धमकाने में लगा हुआ है. इसी बीच दुनिया के तीन ताकतवर मुल्कों ने एकजुट होकर चीन को चेतावनी दी है. ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका ने रणनीतिक वार्ता के दौरान तल्ख लहजे में कहा कि चीन अपने सैन्य अभ्यास को तुरंत बंद कर दे.
इस अहम मीटिंग के दौरान ताइवान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर किया. तीनों देशों ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की हालिया कार्रवाइयों पर चिंता व्यक्त की. साथ ही कहा कि इस तरह का एक्शन अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. साथ ही चीन की लाइव फायर ड्रिल की निंदा की. तीनों देशों की ओर से कहा गया कि चीन की इस हरकत से तनाव बढ़ गया है. जापान ने कहा कि चीन की ओर से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के क्षेत्रों में गिरी हैं.
अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री और सेक्रेटरी के बीच की रणनीतिक हुई. इसमें तीनों मुल्कों ने अपनी त्रिपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की. इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए यूनाइटेड स्टेल्स को मंजूरी दी. रणनीतिक वार्ता में के दौरान कहा गया कि लॉ ऑफ रूल, ह्यूमन राइट्स, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता ही विवादों का शांतिपूर्ण समाधान हैं. साथ ही तीनों देशों के सेक्रेटरी और विदेश मंत्रियों ने आसियान का समर्थन करने के अपने संकल्प को दोहराया.
क्या कहा बैठक में?
बैठक के दौरान अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने चीन से सैन्य अभ्यास तुरंत बंद करने का आग्रह किया. इसके साथ ही तीनों देशों ने ताइवान में तनाव कम करने को लेकर आसियान के बयान की सराहना की.
चीन दाग रहा है बेलिस्टिक मिसाइल

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