
Border 2: 'घर कब आओगे' गाने में अनु मलिक को नहीं मिला क्रेडिट, बोले- बच नहीं सकते....
AajTak
संदेसे आते हैं गाने का रीडक्स वर्जन घर कब आओगे फैंस का दिल जीत रहा है. लेकिन ओरिजिनल गाने का म्यूजिक देने वाले अनु मलिक इससे नाराज हैं. उन्होंने कहा कि मेकर्स को उन्हें नए वर्जन के लिए भी क्रेडिट देना चाहिए, वो ऐसे बचकर नहीं जा सकते.
साल 1997 में आई बॉर्डर फिल्म का गाना 'संदेसे आते हैं' फैंस के बीच अलग अहमियत रखती है. ये गाना आज भी लोगों की आंखें नम कर जाता है. अब बॉर्डर 2 से इस गाने का रीडक्स वर्जन 'घर कब आओगे' जारी किया गया. इस गाने को मिथून ने दोबारा तैयार किया है और इसमें नए बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं. ओरिजिनल गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे और संगीत अनु मलिक ने दिया था. नया वर्जन भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है, लेकिन अनु मलिक का कहना है कि नए गाने के क्रेडिट में उनका नाम भी होना चाहिए. उन्होंने इसपर नाराजगी जाहिर की है.
अनु मलिक को नहीं मिला क्रेडिट
PTI से बातचीत में अनु मलिक ने कहा कि- मुझे लगता है कि ये गाना रीक्रिएट किया गया है. मैं इसका हिस्सा नहीं हूं, लेकिन क्योंकि मैंने ओरिजिनल गाना बनाया है, इसलिए मेरा नाम जरूर दिया जाना चाहिए. लोग हमारी मेहनत और योगदान को जानते हैं. वो इससे बच नहीं सकते. ‘संदेसे आते हैं’ के बिना बॉर्डर 2 बन ही नहीं सकती. इसमें अनु मलिक और जावेद अख्तर दोनों का बहुत बड़ा योगदान है, इसलिए हमारा नाम कहीं न कहीं देना ही होगा.
अनु मलिक ने नए वर्जन को लेकर उम्मीद भी जताई, खासकर सोनू निगम और अरिजीत सिंह की आवाज को लेकर. उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि ये गाना शानदार होगा. सोनू एक बेहतरीन गायक हैं और आज के सबसे अच्छे सिंगर्स में से एक हैं. अरिजीत की आवाज में जादू है. दोनों साथ आएंगे तो ये जादुई कॉम्बिनेशन होगा. धुन तो मेरी ही रहेगी. अनु मलिक और जावेद साहब से बचा नहीं जा सकता, क्योंकि गाना ही इतना दमदार है.
नए गाने में विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ की आवाज भी शामिल है.
भारतीय होने पर गर्व- अनु मलिक

साल 2026 की शुरुआत में ही साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक 'बॉर्डर 2' रिलीज हुई. जिसमें महज 6 दिनों में ही 200 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया. इस फिल्म को टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार ने प्रोड्यूस किया है. इस बड़ी सफलता के बीच अब टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार ने कुछ बड़ी अपकमिंग फिल्मों का ऐलान किया है.












