
80–90 की उम्र में भी कुर्सी पर माई लॉर्ड... अमेरिका में जज कभी रिटायर क्यों नहीं होते? उम्र, कानून और विवाद की पूरी कहानी
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अमेरिकी न्यायपालिका के दिग्गज जज 92 साल के एल्विन हेलरस्टीन चर्चा में हैं. वे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सबसे बड़े केस की सुनवाई कर रहे हैं. ऐसे में अमेरिका में जजों की उम्र को लेकर हर कोई चकित हो रहा है. दरअसल, दुनिया के ज्यादातर देशों में जजों के लिए रिटायरमेंट उम्र तय है, लेकिन अमेरिका में संघीय जज और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जीवनभर पद पर बने रह सकते हैं.
अमेरिका में 92 साल के जज एल्विन हेलरस्टीन आज भी कोर्ट में बैठकर बड़े केस सुन रहे हैं. सवाल उठता है कि अमेरिका में जज रिटायर क्यों नहीं होते, क्या उनकी उम्र की कोई सीमा नहीं है? अमेरिका में कई बार देखा जाता है कि 80–90 साल के जज भी अदालत में सक्रिय रहते हैं. भारत या दूसरे देशों के उलट, अमेरिका में जजों के लिए रिटायरमेंट की कोई तय उम्र नहीं है. इसके पीछे संविधान, कानून और राजनीति- तीनों की बड़ी भूमिका है.
दरअसल, अमेरिका में ज्यादातर नौकरियों में रिटायरमेंट उम्र तय होती है, लेकिन संघीय जज और सांसद इस नियम से बाहर हैं. यही वजह है कि कई जज और नेता 80-90 की उम्र पार करने के बाद भी अहम संवैधानिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं.
आजीवन पद पर रहने के लिए सिर्फ एक शर्त...
न्यूयॉर्क कोर्ट में वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के मामले में 92 साल के सीनियर जज एल्विन हेलरस्टीन सुनवाई कर रहे हैं. अमेरिका का संविधान साफ कहता है कि फेडरल जज आजीवन पद पर रह सकते हैं, बशर्ते उनका आचरण ठीक रहे. संविधान के अनुच्छेद के अनुसार, जब तक जज पर कोई गंभीर आरोप साबित ना हो जाए, वह जीवनभर जज बना रह सकता है.
इस नियम के पीछे तीन बड़े कारण माने जाते हैं. पहला- राजनीतिक दबाव से आजादी. यानी जज को डर नहीं रहता कि सरकार या राष्ट्रपति उसे हटा देगा. दूसरा- निष्पक्ष फैसले. जज अपने फैसले वोट, चुनाव या सरकार को खुश करने के लिए नहीं करता. तीसरा- न्यायपालिका की स्वतंत्रता. कोर्ट को कार्यपालिका और संसद से अलग और मजबूत रखना माना जाता है.
फिर बूढ़े होने पर क्या करते हैं जज?

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