
60 साल से फिल्मों में नहीं चला इंडिया-चाइना का पंगा... क्या '120 बहादुर' बदलेगी इतिहास?
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भारत-चीन युद्ध पर बनी '120 बहादुर' थिएटर्स में रिलीज हो रही है. इसके हीरो फरहान अख्तर दमदार परफॉर्मर हैं और फिल्म का ट्रेलर भी दमदार है. लेकिन भारत-चीन कनफ्लिक्ट पर बनी फिल्मों का बिजनेस रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. बल्कि इस कनफ्लिक्ट पर बनी सिर्फ एक ही फिल्म हिट रही है.
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर और दोनों देशों में हुए युद्धों पर खूब फिल्में बनी हैं. मगर भारत-चीन कनफ्लिक्ट को पर्दे पर इतना ज्यादा नहीं छुआ गया. अब फरहान अख्तर स्टारर '120 बहादुर' शुक्रवार को थिएटर्स में रिलीज हो रही है. 1962 के युद्ध में भारत को चीन के सामने हार का मुंह देखना पड़ा था. लेकिन रिसोर्स की कमियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने जो बहादुरी दिखाई, उसकी गाथाएं सेना के इतिहास का गोल्डन चैप्टर है. इसी बहादुरी का एक नमूना थी रेजांग ला की लड़ाई.
भारत के 120 सैनिकों ने 3000 से ज्यादा चीनी सैनिकों से लोहा लिया. आखिरी गोली और आखिरी आदमी तक लड़ी भारतीय सेना के उस टुकड़ी में से केवल 6 सैनिक जिंदा बचे. इस टुकड़ी को लीड करने वाले मेजर शैतान सिंह का किरदार '120 बहादुर' में फरहान अख्तर निभा रहे हैं. फिल्म की कहानी जरूर दमदार है, पर बॉक्स ऑफिस बिजनेस एक अलग गेम है. इस गेम में भारत-चीन कनफ्लिक्ट पर बनी फिल्मों का हाल बहुत अच्छा नहीं रहा है.
फिल्मों में नहीं चला भारत-चीन कनफ्लिक्ट भारत-चीन युद्ध का प्लॉट, पहली बार तमिल फिल्म Ratha Thilagam में लिया गया. ये फिल्म युद्ध के अगले साल ही बन गई थी. मगर शिवाजी गणेशन और सावित्री गणेशन जैसे बड़े नामों के बावजूद ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रही. इस युद्ध पर हिंदी इंडस्ट्री की पहली फिल्म 'हकीकत' (1964) थी. इसे इंडिया की पहली वॉर फिल्म भी कहा जाता है.
धर्मेंद्र, बलराज साहनी, संजय खान और विजय आनंद जैसे आइकॉनिक एक्टर्स वाली ये फिल्म हिट तो साबित हुई. पर जबरदस्त तारीफें बटोरने के बावजूद ये फिल्म सबसे उस साल की टॉप 5 हिंदी फिल्मों में शामिल नहीं थी. 60 साल पहले आई 'हकीकत' आज भी भारत-चीन कनफ्लिक्ट पर बनी एक अकेली हिट फिल्म है.
यहां तक कि इस कनफ्लिक्ट को प्लॉट का हिस्सा बनाने वाली सुपरस्टार देव आनंद की फिल्म 'प्रेम पुजारी' (1970) भी फ्लॉप साबित हो गई. एक तो इस युद्ध की यादें भारत के लिए अच्छी नहीं हैं. ऊपर से 'प्रेम पुजारी' जैसी फिल्म के फ्लॉप हो जाने से फिल्ममेकर्स लंबे समय तक इस कनफ्लिक्ट से दूर ही रहे.
नए दौर में भी फ्लॉप रही इस कनफ्लिक्ट की कहानी भारत-चीन कनफ्लिक्ट के बैकग्राउंड पर बेस्ड अगली बड़ी फिल्म सलमान खान की 'ट्यूबलाइट' (2017) थी. 'सुल्तान' और 'टाइगर जिंदा है' जैसी दो ब्लॉकबस्टर्स के बीच आई इस फिल्म ने अंडरपरफॉर्म किया था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ जगहों पर इसका इतना बुरा हाल था कि सलमान को कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स के पैसे वापिस करने पड़े थे. हालांकि, ओवरऑल इसे एवरेज सक्सेस माना जाता है.













