
'6 महीने पहले पैर में 33 टांके आए थे...' मिनियापोलिस में महिला को शूट करने वाले एजेंट के बचाव में उतरे जेडी वेंस
AajTak
अमेरिका के मिनियापोलिस में महिला की गोली मारकर हत्या करने के बाद से देश में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. 2024 से अब तक कई राज्यों में इमिग्रेशन पॉलिसी लागू करने से जुड़े ऑपरेशन के दौरान हुई यह पांचवी मौत है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 37 वर्षीय महिला की हत्या करने वाले ICE एजेंट का बचाव किया है. इतना ही नहीं वेंस ने मीडिया को भी जमकर फटकार लगाई है.
मिनियापोलिस में गाड़ी से जा रही महिला को गोली मारने वाले इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट के अधिकारी को लेकर अमेरिका में हंगामा मचा हुआ है. उपराष्ट्रपति वेंस ने आईसीई से जुड़ी गोलीबारी के बारे में झूठ बोलने के लिए मीडिया को फटकार लगाते हुए कहा कि हर कोई इस झूठ को दोहरा रहा है कि वह कोई निर्दोष महिला थी, जो मिनेसोटा में ड्राइव पर निकली थी.
वेंस ने कहा कि आपको खुद पर शर्म आनी चाहिए. आपमें से हर एक को. फेक मीडिया की हेडलाइन में जो बात छोड़ दी गई है, वह यह है कि उसी आईसीई अधिकारी की जान छह महीने पहले एक कार से घसीटे जाने के कारण लगभग जाने वाली थी. उसके पैर में 33 टांके लगे थे. ऐसे में क्या आपको लगता है कि शायद वह किसी के द्वारा गाड़ी से टक्कर मारने के बारे में थोड़ा संवेदनशील होगा?
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि मीडिया की हेडलाइन में जो बात छोड़ दी गई है, वह यह है कि वह महिला अमेरिका में एक लीगल अभियान में हस्तक्षेप करने के लिए वहां मौजूद थी. उस हेडलाइन में जो बात छोड़ दी गई है, वह यह है कि वह महिला हमला करने और हमारे आईसीई अधिकारियों के लिए उनका काम करना असंभव बनाने के लिए एक वामपंथी नेटवर्क का हिस्सा थी.
उन्होंने कहा कि अगर मीडिया सच बताना चाहता है, तो उन्हें यह सच बताना चाहिए कि वामपंथी कट्टरपंथियों का एक समूह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए वह करना असंभव किया जा सके, जिसके लिए अमेरिकी लोगों ने उन्हें चुनकर सत्ता मे भेजा है. मीडिया में आप लोग इस हमले के बारे में झूठ बोल रहे हैं. वह महिला उस आईसीई एजेंट को अपनी कार से टक्कर मारने की कोशिश कर रही थी, जिस वजह से अधिकारी ने बचाव में गोली चलाई.
अधिकारियों के खिलाफ पूरे राज्य में प्रदर्शन

ईरान के सैन्य ठिकानों पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले जारी है. ताजा मामले में IDF ने IRGC के नौसेना के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक की है. हमले के बाद नौसेना का मुख्यालय पूरी तरह से तबाह हो गया. IDF ने हमले का वीडियो भी जारी किया है. यह मुख्यालय ईरानी शासन के एक विशाल सैन्य परिसर के भीतर स्थित था और इसका उपयोग वर्षों से वरिष्ठ नौसेना कमांडरों द्वारा इजरायल राज्य और मध्य पूर्व के अन्य देशों के खिलाफ परिचालन गतिविधियों का प्रबंधन करने और समुद्री आतंकवादी अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता रहा था.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान के काबुल पर एयर स्ट्राइक की. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. इस बर्बर कांड के बाद काबुल में आंसू और मातम पसरा हुआ है कलेजे को चीर देने वाली तस्वीर देखिए.

इराक की राजधानी बगदाद में ताजा हमला हुआ है. इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, आज सुबह बगदाद में तीन हमले हुए हैं. एक हमला अमेरिकी दूतावास पर किया गया है. अमेरिकी दूतावास को ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाया है. बगदाद के ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉकेट और कई ड्रोन दूतावास पर दागे गए. लेकिन समय रहते अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम C-RAM सक्रिय हो गया और कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. इधर अफगानिस्तान के आरोपों पर पाकिस्तान ने इनकार किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि काबुल में किसी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज 18वां दिन है. जहां एक तरफ अमेरिका ईरान के सैन्य ठीकानों को तबाह करने में जुटा है तो वहीं इजरायल ईरान और खाड़ी देशों पर मिसाइलें बरसा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खर्ग द्वीप पर हमले और भारी क्षति का दावा किया है. जंग से जुड़े ताजा 10 अपडेट जानिए.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. वहीं पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.







