
हैदराबाद की 18 वर्षीय लड़की से ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी के VC का अफेयर, पत्नी ने सीक्रेट डायरी से खोला राज
AajTak
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम के वाइस चांसलर जेम्स टूली को हैदराबाद की एक लड़की से अफेयर के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि उन्होंने उस लड़की की यूनिवर्सिटी फीस भरने में मदद की थी. भारतीय महिला ने अपनी डायरी में दावा किया कि उसका 65 वर्षीय प्रोफेसर टूली के साथ शारीरिक संबंध था.
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम के वाइस चांसलर जेम्स टूली को हैदराबाद की एक लड़की से अफेयर के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि उन्होंने उस लड़की की यूनिवर्सिटी फीस भरने में मदद की थी. भारतीय महिला ने अपनी डायरी में दावा किया कि उसका 65 वर्षीय प्रोफेसर टूली के साथ शारीरिक संबंध था. ये आरोप उस वक्त सामने आए जब प्रोफेसर की पत्नी ने लड़की द्वारा लिखी गई डायरी की प्रतियां यूनिवर्सिटी को सौंप दीं. टूली के निलंबन की घोषणा अक्टूबर में की गई थी, लेकिन यह अब सामने आई है.
पत्नी ने खोले थे राज...
जानकारी के अनुसार, टूली साल 2020 से वाइस चांसलर के पद पर थे.उन्होंने अपने वकील के माध्यम से एक बयान जारी किया, जिसमें इन आरोपों को उन्होंने निराधार बताया है. आरोपों का खुलासा टूली की 42 वर्षीय पत्नी सिंथिया ने किया था.
सिंथिया नाइजीरियाई मूल की हैं और टूली से उन्होंने फरवरी 2022 में शादी की थी. द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डायरी में भारतीय महिला ने दावा किया कि जब वह पहली बार टूली से मिली थी तो उसकी उम्र 18 साल थी और उनका शारीरिक संबंध तब शुरू हुआ जब वह 21 वर्ष की थी.
यह भी पढ़ें: कौन हैं भारत और ब्रिटेन में लॉ प्रैक्टिस करने वाली पहली महिला एडवोकेट, बॉम्बे यूनिवर्सिटी से की थी पढ़ाई
ऐसे शुरू हुआ था अफेयर

ईरान जंग के बीच इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' का पूरी दुनिया में चर्चा है. ये एजेंसी दुश्मन के देश में घुसकर उसकी सोच, ताकत और भविष्य को खत्म कर देती है. ईरान युद्ध में पहली मिसाइल फायर होने से काफी पहले सी 'मोसाद' ने इसकी तैयारी रच ली थी. आखिर 'मोसाद' कितना अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय है? देखें ये शो.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.










