
सीरिया की सरकार और विद्रोही गुटों के बीच डील, मंत्रालय में होंगे शामिल
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सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने पिछले हफ्ते कहा था,
सीरिया (Syria) के सबसे बड़े नेता अहमद अल-शारा ने मंगलवार को पूर्व विद्रोही गुट प्रमुखों के साथ सभी समूहों को भंग करने और उन्हें रक्षा मंत्रालय के साथ मिलाने पर एक समझौता किया. एजेंसी के मुताबिक, यह बयान सीरिया के प्रशासन ने जारी किया है. प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने पिछले हफ्ते कहा था कि पूर्व विद्रोही गुटों और बशर अल-असद की सेना से अलग हुए अधिकारियों को साथ लेते हुए मंत्रालय का पुनर्गठन किया जाएगा.
अहमद अल-शारा को कई समूहों के बीच टकराव से बचने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा. देश के नए शासकों ने बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल करने की बगावत में अग्रणी भूमिका निभाने वाले मुरहाफ अबू कसरा को अंतरिम सरकार में रक्षा मंत्री नियुक्त किया है.
सीरिया के धार्मिक अल्पसंख्यकों में मुस्लिम कुर्द और शिया शामिल हैं, जिन्हें गृहयुद्ध के वक्त डर था कि भविष्य में कोई भी सुन्नी इस्लामवादी शासन उनकी लाइफ स्टाइल को खतरे में डाल देगा. इसके साथ ही सीरिया के ग्रीक और अर्मेनियाई रूढ़िवादी ईसाई और ड्रूज़ समुदाय भी शामिल हैं.
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अहमद अल-शारा ने उनसे मिलने आए पश्चिमी अधिकारियों से कहा कि इस्लामवादी हयात तहरीर अल-शाम (HTS) ग्रुप, न तो पूर्ववर्ती शासन से बदला लेगा और न ही किसी धार्मिक अल्पसंख्यकों को दबाने का काम करेगा.
13 साल से चल रहा था सिविल वॉर

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.

महायुद्धघ का आज 18वा दिन है. जहां मिसाइल-बम-रॉकेट के बीच इस वक्त सस्पेंस, थ्रिलर और सवालों की पहेली भी उलझती जा रही है. ईरान से जंग शुरू करने की अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है अमेरिका की काउंटर टेरिरज्म सेंटर के निदेशक ने ईरान से युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. जो कैंट नाम के अफसर ने ट्रंप पर इजरायल के दबाव में युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया. दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है. इस अफसर ने अमेरिका में यहूदी लॉबी को भी आड़े हाथों लिया.







