
'सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक ना हो...', कर्मचारियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन
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अमेरिकी गृह मंत्रालय ने कर्मचारियों को चेताते हुए कहा है कि सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को लीक होने से बचाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद ली जाएगी.
अमेरिका की ट्रंप सरकार शुरुआत से ही हाइपर एक्टिव मोड में है. अवैध प्रवासियों से लेकर ड्रग तस्करी और टैरिफ के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन काफी सख्त है. इस बीच खबर है कि गोपनीय फाइलों को लीक होने से बचाने के लिए सरकार पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा लेने जा रही है.
अमेरिकी गृह मंत्रालय ने कर्मचारियों को चेताते हुए कहा है कि सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को लीक होने से बचाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद ली जाएगी.
गृहमंत्री क्रिस्टी नोएम ने कहा कि कर्मचारियों को हर कीमत पर इस टेस्ट से गुजरना पड़ेगा. गृह मंत्रालय की असिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रिसिया मैकलॉफलिन ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसी है. हम सभी कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कर सकते हैं, करना चाहिए और करेंगे.
क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट?
पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान यह देखा जाता है कि सवालों के जवाब देते समय क्या इंसान झूठ बोल रहा है या सच. इंसान जब भी झूठ बोलता है, तब उसका हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, बदलता है. पसीना आता है. कई बार पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान हाथ-पैर के मूवमेंट पर भी ध्यान दिया जाता है. हालांकि पॉलीग्राफ मशीन पर टेस्ट के दौरान आमतौर पर चार चीजें देखी जाती हैं.

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