
सऊदी अरब के साथ लामबंद हुए मुस्लिम देश, अमेरिका को दिखाई ताकत
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ओपेक प्लस के तेल उत्पादन में कटौती के फैसले के बाद से ही सऊदी अरब पर बरस रहे अमेरिका को संदेश देने के लिए मुस्लिम देश लामबंद होते हुए नजर आ रहे हैं. ओपेक प्लस के फैसले को लेकर सऊदी अरब का समर्थन करते हुए कई मुस्लिम देशों ने बयान जारी किया है.
तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक प्लस के तेल उत्पादन में कटौती के फैसले से अमेरिका बिफरा हुआ है. संगठन में दबदबा रखने वाले सऊदी अरब के खिलाफ अमेरिका कई बार तीखे बयान दे चुका है. अभी तक सऊदी अरब अकेले ही इस बारे में सफाई पेश कर रहा था. लेकिन अब यूएई, इराक समेत कई मुस्लिम देशों ने ओपेक प्लस के इस फैसले का सार्वजनिक रूप से बचाव करते हुए सऊदी अरब को मजबूती दी है.
ओपेक प्लस में सऊदी अरब के सहयोगी यूएई ने कहा कि यह फैसला राजनीति से प्रेरित नहीं था. यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहेल मोहम्मद ने ट्वीट करते हुए कहा कि, वे साफ करना चाहते हैं कि हाल ही में लिया गया ओपेक प्लस का फैसला पूरी तरह तकनीकी था. उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले के पीछे किसी भी तरह की राजनीतिक चाल नहीं है.
इराक ने ओपेक प्लस के फैसले पर क्या कहा?
इराक के स्टेट ऑर्गेनाइजेशन फॉर मार्केटिंग ऑयल की ओर से भी ओपेक प्लस के तेल उत्पादन में कटौती के फैसले को लेकर बयान जारी किया है. बयान में सऊदी अरब के स्टैंड को कायम रखते हुए कहा गया कि यह फैसला पूरी तरह आर्थिक संदर्भ में लिया गया था. बता दें कि अमेरिका के तीखे बयानों के बीच सऊदी अरब ने भी सफाई पेश की थी, जिसमें सऊदी ने इसे पूरी तरह आर्थिक फैसला बताया था.
ओमान, कुवैत ने ओपेक प्लस के फैसले पर क्या कहा?
ओमान के विदेश विभाग ने कहा कि ओपेक प्लस के इस फैसले का वह पूरी तरह समर्थन करता है. ओमान ने कहा कि ओपेक प्लस का यह फैसला पूरी तरह आर्थिक कारकों और सप्लाई व डिमांड पर आधारित था. ओमान के विदेश विभाग की ओर से आगे कहा कि ओपेक प्लस के इस फैसले का लक्ष्य वैश्विक बाजार में स्थिरता कायम करता है. दूसरी ओर, कुवैत ने भी इस फैसले का स्वागत किया है.

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