Primary Country (Mandatory)

Other Country (Optional)

Set News Language for United States

Primary Language (Mandatory)
Other Language[s] (Optional)
No other language available

Set News Language for World

Primary Language (Mandatory)
Other Language(s) (Optional)

Set News Source for United States

Primary Source (Mandatory)
Other Source[s] (Optional)

Set News Source for World

Primary Source (Mandatory)
Other Source(s) (Optional)
  • Countries
    • India
    • United States
    • Qatar
    • Germany
    • China
    • Canada
    • Singapore
    • World
  • Categories
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Special
    • All Categories
  • Available Languages for United States
    • English
  • All Languages
    • English
    • Hindi
    • Arabic
    • German
    • Chinese
    • French
  • Sources
    • India
      • AajTak
      • NDTV India
      • The Hindu
      • India Today
      • Zee News
      • NDTV
      • BBC
      • The Wire
      • News18
      • News 24
      • The Quint
      • ABP News
      • Zee News
      • News 24
    • United States
      • CNN
      • Fox News
      • Al Jazeera
      • CBSN
      • NY Post
      • Voice of America
      • The New York Times
      • HuffPost
      • ABC News
      • Newsy
      • USA TODAY
      • NBC News
      • CNBC
    • Qatar
      • Al Jazeera
      • Al Arab
      • The Peninsula
      • Gulf Times
      • Al Sharq
      • Qatar Tribune
      • Al Raya
      • Lusail
    • Germany
      • DW
      • ZDF
      • ProSieben
      • RTL
      • n-tv
      • Die Welt
      • Süddeutsche Zeitung
      • Frankfurter Rundschau
    • China
      • China Daily
      • BBC
      • The New York Times
      • Voice of America
      • Beijing Daily
      • The Epoch Times
      • Ta Kung Pao
      • Xinmin Evening News
    • Canada
      • CBC
      • Radio-Canada
      • CTV
      • TVA Nouvelles
      • Le Journal de Montréal
      • Global News
      • BNN Bloomberg
      • Métro
    • Singapore
      • CNA
      • The Straits Times
      • Lianhe Zaobao
संडे व्यू: बेमकसद अनैतिक युद्ध, संसद में महिला आरक्षण का लंबा इंतजार

संडे व्यू: बेमकसद अनैतिक युद्ध, संसद में महिला आरक्षण का लंबा इंतजार

The Quint
Sunday, March 08, 2026 10:43:12 AM UTC

sunday view: इज़राइल-अमेरिका-ईरान युद्ध की नैतिकता पर प्रताप भानु मेहता के विचारों से लेकर राज्यपालों की भूमिका और केंद्र सरकार की राजनीतिक रणनीति पर प्रभु चावला के लेख सहित ललिता पनिक्कर, जीएन देवी, आरात्रिका भौमिक, जग सुरैया के विचारों का सार.

प्रताप भानु मेहता ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है कि एक बेमकसद युद्ध लड़ा जा रहा है. हम सभी ने नैतिक बचाव की नई रणनीतियाँ गढ़ ली हैं. इज़राइल-अमेरिका-ईरान युद्ध वैश्विक नैतिक शून्यता का प्रतीक है. युद्ध की असली भयावहता खुद युद्ध नहीं, बल्कि उसका सामान्यीकरण है, जहां हिंसा प्रदर्शन बन गई है. अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के बयान से शुरू होकर, लेखक कहते हैं कि यह युद्ध विजय या मुक्ति का नहीं, बल्कि क्रोध को बनाए रखने और तकनीक (मिसाइल, एआई, साइबर) परीक्षण का माध्यम है. कोई सुसंगत उद्देश्य नहीं—परमाणु निरस्त्रीकरण, शासन परिवर्तन या विखंडन—सिर्फ निहिलवादी शक्ति का थिएटर लगता है.

हमास हमले के बाद ईरान की रक्षा क्षमता कमजोर दिखी, जो इसे आसान लक्ष्य बनाती है. ईरान अब निराशा में जवाब दे रहा है, संघर्ष को बढ़ाकर दुनिया को खींचते हुए. दुनिया के नेता नैतिक रूप से लकवाग्रस्त हैं. कीर स्टार्मर, इमैनुएल मैक्रों, मोहम्मद बिन सलमान जैसे नेता भ्रमित हैं. मोदी की चुप्पी अमेरिकी मांगों के सामने समर्पण दिखाती है. चीन लकवाग्रस्त है, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन नहीं बना सकता. डेमोक्रेट्स में प्रतिरोध है, लेकिन प्रक्रियागत. सभी ने नैतिक बचाव की रणनीतियां अपनाईं: "मुझे परवाह नहीं. महाशक्तियों के निहिलवाद के बावजूद, बाकी दुनिया हिंसा की राजनीति को अस्वीकार कर सकती है. बेमकसद युद्ध को वैध न मानकर, राज्य नैतिकता की रक्षा करें, अन्यथा सभ्यता का अंत होगा.

ललिता पनिक्कर ने हिन्दुस्तान टाइम्स में लिखा है कि युद्ध से ईरान की महिलाओं को कहीं अधिक दर्द के दौर से गुजरना पड़ रहा है. युद्ध चाहे कितना भी वैध या आवश्यक क्यों न माना जाए, यह महिलाओं के लिए पहले से मौजूद दमन और पीड़ा को और गहरा करेगा. आयतोल्लाह खामेनेई की मृत्यु को 'सुप्रीम अप्रेसर' के अंत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन महिलाएँ आंसू नहीं बहा रही हैं. उनकी चिंता है कि उत्तराधिकारी पुराने शासन से अलग नहीं होंगे. अमेरिका 'स्थिरता' को प्राथमिकता दे सकता है, न कि वास्तविक बदलाव को. यदि युद्ध से शासन परिवर्तन होता भी है, तो महिलाओं के अधिकार अमेरिका या इज़राइल की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर नहीं होंगे.

Read full story on The Quint
Share this story on:-
More Related News
संडे व्यू: जेडीयू के रंग में बीजेपी? ‘ऊर्जा’ पर खुली पोल!

sunday view: बिहार की राजनीति पर अदिति फडणीस के विचारों से लेकर ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष के संदर्भ में भारत की ऊर्जा निर्भरता पर आर जगन्नाथ के विचारों तक, संडे व्यू में पढ़ें देश के नामचीन लेखकों के विचारों का सार.

संडे व्यू: बेमकसद अनैतिक युद्ध, संसद में महिला आरक्षण का लंबा इंतजार

sunday view: इज़राइल-अमेरिका-ईरान युद्ध की नैतिकता पर प्रताप भानु मेहता के विचारों से लेकर राज्यपालों की भूमिका और केंद्र सरकार की राजनीतिक रणनीति पर प्रभु चावला के लेख सहित ललिता पनिक्कर, जीएन देवी, आरात्रिका भौमिक, जग सुरैया के विचारों का सार.

क्या 'नीतीश युग' का अंत बिहार में समाजवादी राजनीति का भी अंत है?

Bihar CM Nitish Kumar Rajya Sabha: अपनी राजनीति की उत्तर बेला में नीतीश कुमार राज्यसभा जाने को तैयार हो गये हैं. गुरुवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने इसकी घोषणा की और कहा कि राज्यसभा जाना उनकी दिली इच्छा थी.

संडे व्यू: थोपा गया युद्ध, भविष्य में भी आते रहेंगे एपस्टीन?

Sunday View Best Opinion Articles on Quint Hindi: ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले से लेकर एपस्टीन फाइल सहित ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस की गिरफ्तारी तक, पढ़ें इस रविवार मानव सचदेवा, करन थापर, तवलीन सिंह, अदिति फडणीस और शैफाली संध्या के विचारों का सार.

© 2008 - 2026 Webjosh  |  News Archive  |  Privacy Policy  |  Contact Us