
शॉर्ट रेंज मिसाइल और तेहरान के अंदर से अटैक... पहली बार ईरान ने किया खुलासा, ऐसे मारा गया हमास चीफ
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हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के मामले में ईरान ने कई खुलासे किए हैं. ईरानी सेना के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने ताजा बयान में कहा कि हानिया को मारने के लिए सात किलोग्राम वारहेड से लैस शॉर्ट रेंज प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) का इस्तेमाल किया गया था.
हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के मामले में ईरान ने कई खुलासे किए हैं. ईरानी सेना के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने एक बयान में कहा कि हानिया को मारने के लिए सात किलोग्राम वारहेड से लैस शॉर्ट रेंज प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) का इस्तेमाल किया गया था. इस हमले में अमेरिका ने इजरायल का साथ दिया था. इस तरह ईरान के अंदर से ही तेरहरान के उस सरकारी गेस्ट हाउस पर मिसाइल अटैक किया गया, जिसमें इस्माइल हानिया अपने निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ ठहरे हुए थे.
इस खुलासे के साथ ही ईरान ने अपनी वो कसम भी दोहराई, जिसमें उसने कहा था कि इजरायल को इस हमले का अंजाम भुगतना होगा. इस तरह ईरान ने हानिया पर हुए हमले के लिए इजरायल और अमेरिका दोनों को जिम्मेदार ठहराया है. दरअसल, एक ही रात में हमास चीफ इस्माइल हानिया की तेहरान और हिजबुल्लाह के शीर्ष कमांडर फउद शुकर को बेरूत में एयर स्ट्राइक के जरिए मार दिए जाने को सीधे-सीधे ईरान पर हमले की तरह देखा जा रहा है. हमास और हिजबुल्लाह की बागडोर ईरान के हाथ में ही है.
ईरानी सुप्रीम लीडर की 'कसम' के बीच US का बयान
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने हानिया की हत्या का बदला लेना अपना कर्तव्य बताया है. ईरान के सभी प्राक्सी हूती, हिजबुल्लाह, हमास और इराकी लड़ाकों की मीटिंग बुलाई गई है. वहीं अमरीका ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल पर हमला होने पर वह सीधे जवाबी कार्रवाई करेगा. अमेरिकी सेना ने इजरायल पर किसी भी हमले की स्थिति से निपटने के लिए मध्य पूर्व में कम से कम 12 युद्धपोत तैनात किए हैं. इनमें विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और 4000 से अधिक मरीन कमांडो शामिल हैं.
हमास, हौथी, हिजबुल्लाह का नेतन्याहू ने किया जिक्र
रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी और पूर्वी भूमध्य सागर में विध्वंसक तैनात किए गए हैं. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "युद्ध की शुरुआत से ही मैंने स्पष्ट कर दिया है कि हम ईरान के खिलाफ लड़ रहे हैं. यह आतंकवादी सेनाओं और मिसाइलों के उस शिकंजे के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे ईरान हमारे गले में कसना चाहता है. कुछ दिन पहले कांग्रेस को दिए अपने भाषण में मैंने ईरान की तीन मुख्य शाखाओं का ज़िक्र किया था. इसमें हमास, हौथी और हिजबुल्लाह, यानी तीन 'एच' शामिल हैं.

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