
शेख हसीना की बढ़ेंगी मुश्किलें, यूनुस सरकार ने मांगी बैंक खातों और लेनदेन से जुड़ी सारी डिटेल
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BFIU ने बैंकों को भेजे पत्र में शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना के सभी ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म्स और सभी जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मांगी है. बैंकों को पांच दिन के भीतर ये सारी जानकारी देनी है.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर शिकंजा कसने के लिए उनके बैंक खातों की जानकारी मांगी है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश फाइनेंशियल इंटलिजेंस यूनिट (BFIU) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी बहन शेख रेहाना के बैंक अकाउंट्स के बारे में जानकारी मांगी है. इतना ही नहीं, बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान मेमोरियल ट्रस्ट से जुड़े बैंक खातों की डिटेल भी मांगी गई है.
BFIU की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि शेख हसीना ट्रस्ट की अध्यक्ष के रूप में काम करती हैं, जबकि उनकी बहन रेहाना ट्रस्टियों में से एक हैं.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, BFIU ने बैंकों को भेजे पत्र में शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना के सभी ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म्स और सभी जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मांगी है. बैंकों को पांच दिन के भीतर ये सारी जानकारी देनी है.
बता दें कि इस साल पांच अगस्त को शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया था. उसी दिन शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत आ गई थीं. अभी शेख हसीना भारत में ही रह रही हैं. शेख हसीना के देश छोड़ देने के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसके मुखिया मोहम्मद यूनुस हैं.
यूनुस कई बार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर चुके हैं. शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं और अंतर्राष्ट्रीय अदालत में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
मालूम हो कि बांग्लादेश में इसी साल जनवरी में आम चुनाव हुए थे. इन चुनाव में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने बड़ी जीत हासिल की थी. आवामी लीग ने संसद की 300 में से 224 सीटें जीती थीं. शेख हसीना साल 2009 से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं. वो सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वालीं पहली महिला हैं.

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