
'विरोधियों ने मुझे नहीं 25 करोड़ आवाम को सजा दी' ...भ्रष्टाचार के मामले में बरी होने पर छलका नवाज शरीफ का दर्द
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नवाज शरीफ गत अक्टूबर में लंदन में चार साल के आत्म-निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे थे. वह एवेनफिल्ड केस, फ्लैगशिप केस और अल-अजीजिया केस सहित सभी तीन मामलों में अदालत से बरी हो चुके हैं.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को 'खोखला' करार दिया. उन्होंने कहा कि जब उन्हें 2018 में जेल भेजा गया था, तो यह देश के 25 करोड़ लोगों को सजा देने जैसा था. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के 73 वर्षीय सुप्रीमो ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में बरी होने के एक दिन बाद यह टिप्पणी की. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अल-अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में शरीफ को बरी कर दिया. इसके साथ ही नवाज शरीफ के रिकॉर्ड चौथी बार प्रधामंत्री बनने की राह में आखिरी कानूनी बाधा दूर हो गई है.
भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने दिसंबर 2018 में नवाज शरीफ को सात साल की जेल की सजा सुनाई थी और भारी जुर्माना लगाया था. तब वह अदालत में यह साबित करने में विफल रहे थे कि 2001 में सऊदी अरब में उनके पिता द्वारा स्थापित स्टील मिल से उनका कोई लेना-देना नहीं था. बुधवार को लाहौर में पीएमएल-एन के संसदीय बोर्ड को संबोधित करते हुए, शरीफ ने कहा कि भले ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से दंडित किया गया था, लेकिन असली सजा पाकिस्तान के 25 करोड़ लोगों को दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दायर भ्रष्टाचार के मामलों का एकमात्र उद्देश्य पीएमएल-एन की सरकार को गिराना था.
'मेरे खिलाफ जितने भी मामले हैं सब खोखले हैं'
नवाज शरीफ ने कहा कि वह न तो उन लोगों और न ही उनकी पार्टी से बदला लेना चाहती है जिन्होंने उनके साथ अन्याय किया. तीन बार के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन लोगों को पाकिस्तान की आवाम के खिलाफ किए गए अन्याय के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शरीफ ने कहा कि उनके खिलाफ जितने भी मामले हैं वे 'खोखले' हैं, उनमें कोई दम नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरे बारे में झूठ फैलाया गया है और लोगों को सच्चाई पता है. अल-अजीजिया स्टील मिल मामले में अदालत से बरी होने के बाद उन्होंने पूछा, 'मुझे लेकर सुनाया गया फैसला एक मजाक था. क्या इस तरह की पीड़ा का कोई इलाज है'.
जियो न्यूज की रिपोर्ट में शरीफ के हवाले से कहा गया, 'एक निर्वाचित प्रधानमंत्री को अपने बेटे से वेतन नहीं लेने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया'. पीएमएल-एन सुप्रीमो अपने बेटे हुसैन नवाज का जिक्र कर रहे थे, जो अल-अजीजिया स्टील मिल के प्रशासनिक प्रमुख थे. यह स्टील प्लांट उस समय स्थापित किया गया था, जब 1999 में पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ की सरकार को अपदस्थ कर दिया था. इसके बाद नवाज शरीफ सऊदी अरब में निर्वासन में रह रहे थे. उनके पूरे परिवार को देश से बाहर जाना पड़ा था.
नवाज शरीफ अब भ्रष्टाचार के तीनों मामलों में बरी

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