
रूसी सेना को 7 मोर्चों पर खदेड़ा, कीव के बाद डोनबास पर कब्जे का प्लान यूक्रेनी सेना ने किया फेल
AajTak
Russia Ukraine War: रूस कीव पर कब्जे का प्लान मानों त्याग चुका है. अब उसकी नजर डोनबास पर है, रूस का दावा है कि उसका लक्ष्य डोनबास इलाके की यूक्रेन से आजादी है.
Russia Ukraine War: यूक्रेन पर किए गए हमले में अबतक रूस को वह कामयाबी नहीं मिली है, जिसकी उसको उम्मीद थी. कीव पर कब्जे का प्लान अबतक विफल दिख रहा है, जिसके बाद डोनबास इलाके पर पुतिन की सेना ने फोकस किया है. लेकिन यहां भी यूक्रेन की सेना उनको पीछे धकेल रही है.
ताजा जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन ने दावा किया है कि डोनबास के Donetsk और Luhansk इलाकों (जिनको रूस ने अलग देश घोषित किया था) में सात बार रूसी हमलों को नाकाम करके रूसी फौज को पीछे धकेला गया है. इतना ही नहीं यह भी दावा हुआ है कि पिछले 24 घंटे में यूक्रेनी सेना ने रूस के 3 टैंक, जो सैन्य वाहन और 2 तोपों, ड्रोनों को नष्ट कर दिया है.
यह भी पढ़ें - Photos: रूसी हमले से खंडहर बना बाजार, खाने-पीने की चीजों के लिए संघर्ष करते लोग
यूक्रेन का दावा है कि 31 मार्च तक रूस के करीब 17 हजार सैनिकों को उसने मार गिराया है. इतना ही नहीं 135 प्लेन, 614 टैंक, 311 तोपों को भी नष्ट करने का दावा किया गया है.
डोनबास पर शिफ्ट किया रूस ने फोकस
बता दें कि यूक्रेन में स्थित डोनबास के इलाकों (Donetsk और Luhansk) को रूस पहले ही अलग देश के रूप में मान्यता दे चुका है, लेकिन अभी यहां संघर्ष जारी है. अमेरिका को लगता है कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध और लंबा चल सकता है. पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले कीव को जो रूसी सैनिक का काफिला घेर रहा था, उसमें से कुछ फोर्स को अब डोनबास इलाके के पूर्व में भेजा गया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.






