
राज्यों को GST Compensation से मना करने की तैयारी में केंद्र सरकार, ये है कारण
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राज्य सरकारें जीएसटी कंपनशेसन को जून 2022 से आगे बढ़ाने की मांग कर रही हैं. हालांकि पिछले 2 फाइनेंशियल ईयर में कंपनशेसन की भरपाई के लिए कर्ज लिए गए हैं. अब जीएसटी सेस कलेक्शन का इस्तेमाल उसी कर्ज को चुकाने में किया जाने वाला है.
केंद्र सरकार राज्यों का जीएसटी कंपनशेसन (GST Compensation) बंद करने की तैयारी में है. इस बारे में केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अगली बैठक में जानकारी दी जा सकती है. खबरों के अनुसार, जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में केंद्र सरकार राज्यों को कह सकती है कि अब जीएसटी के तहत कंपनशेसन दिए जाने की जरूरत नहीं है. जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक इसी महीने होने वाली है.
केंद्र ने दी थी कंपनशेसन की ये गारंटी
खबरों की मानें तो पिछले कुछ महीने से जीएसटी का शानदार कलेक्शन (GST Collection) हो रहा है और इसी कारण केंद्र सरकार को लगता है कि अब कंपनशेसन देने की जरूरत नहीं है. अप्रैल महीने में जीएसटी कलेक्शन में 20 फीसदी की तेजी आई. जब नई कर प्रणाली लागू की गई थी, तो केंद्र सरकार ने जीएसटी कलेक्शन में 14 फीसदी ग्रोथ नहीं होने पर कंपनेशसन की गारंटी दी थी. अब केंद्र सरकार की राय है कि चूंकि जीएसटी कलेक्शन में गारंटी से ज्यादा ग्रोथ हो रही है, इस कारण कंपनशेसन की जरूरत नहीं है.
इन राज्यों में हुआ बढ़िया कलेक्शन
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच इस बाबत चल रही चर्चा से अवगत एक सूत्र के हवाले से खबरों में बताया जा रहा है कि अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं. कुछ राज्यों ने अभी अपने बजट से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं. एक बार यह हो जाता है, उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक होगी. बैठक में केंद्र सरकार इस विचार से राज्यों को अवगत करा देगी. केंद्र सरकार का ये भी कहना है कि महाराष्ट्र (Maharashtra), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajasthan), हरियाणा (Haryana) और गुजरात (Gujarat) जैसे राज्यों ने पिछले कुछ महीने के दौरान बढ़िया जीएसटी कलेक्शन किय है.
कर्ज चुकाने में होगा सेस का इस्तेमाल













