
रमजान में पाकिस्तान ने भारत की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ, किया ये काम
AajTak
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने विदेश मंत्रालय में आयोजित इफ्तार डिनर में राजनयिकों को आमंत्रित किया था. भारत के राजनयिक को भी निमंत्रण मिला जिसे स्वीकार करते हुए भारतीय राजनयिक इफ्तार में शामिल हुए हैं.
भारत पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बीच रमजान के महीने में एक सकारात्मक खबर आई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय में आयोजित इफ्तार डिनर में एक भारतीय राजनयिक को निमंत्रण भेजा जिसे भारतीय राजनयिक ने स्वीकार कर लिया. पाकिस्तान की तरफ से भारत के उच्चायुक्त को निमंत्रण भेजा गया था लेकिन उनके पाकिस्तान में न होने से भारत के वरिष्ठ राजनयिक इफ्तार में शामिल हुए.
पाकिस्तान के अखबार, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को सूत्रों ने बताया कि बिलावल भुट्टो ने राजधानी इस्लामाबाद स्थित राजनयिकों के साथ भारतीय राजनयिक को भी इफ्तार का निमंत्रण भेजा था. सूत्रों का कहना है कि भारत ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया और उसके वरिष्ठ राजनयिक ने विदेश मंत्रालय में इफ्तार में भाग लिया.
भारत पाकिस्तान के रिश्तों में आएगी नरमी?
भारत और पाकिस्तान आमतौर पर इस तरह के समारोहों में एक-दूसरे को आमंत्रित करने से बचते हैं, लेकिन इफ्तार डिनर में एक भारतीय राजनयिक के शामिल होने से संकेत मिलता है कि अगर पाकिस्तान रक्षा और विदेश मंत्रियों की आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकों में भाग लेता है तो दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर बातचीत की संभावना बन सकती है.
एससीओ में रूस, भारत, चीन, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं और भारत इस साल इसकी अध्यक्षता कर रहा है. 29 मार्च को हुई एससीओ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में पाकिस्तान ने भाग लिया था. कयास लगाए जा रहे थे कि नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में पाकिस्तान हिस्सा नहीं लेगा लेकिन बैठक से ठीक पहले उसने कहा कि वो बैठक में वर्चुअल तरीके से हिस्सा लेगा.
पाकिस्तान का यह फैसला आश्चर्यजनक था क्योंकि कुछ ही दिनों पहले 21 मार्च को उसने भारतीय थिंक टैंक द्वारा आयोजित एससीओ सशस्त्र बलों के सैन्य चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा और महामारी में योगदान विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग नहीं लिया था.

इजरायल में ईरान हमले के बड़े-बड़े दावे करता आ रहा है. लगातार दो दिन ईरान उन मिसाइल से हमले का दावा कर रहा है, जिनसे अब तक नहीं किया था. लेकिन क्या ईरान जिन मिसाइल से हमले का दावा करके बड़ी तबाही की तस्वीर पूरी दुनिया को बताकर अपनी ताकत दिखाना चाहता है, वो हकीकत नहीं है. देखें तेल अवीव से श्वेता सिंह की ये ग्राउंड रिपोर्ट.

ईरान के सैन्य ठिकानों पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले जारी है. ताजा मामले में IDF ने IRGC के नौसेना के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक की है. हमले के बाद नौसेना का मुख्यालय पूरी तरह से तबाह हो गया. IDF ने हमले का वीडियो भी जारी किया है. यह मुख्यालय ईरानी शासन के एक विशाल सैन्य परिसर के भीतर स्थित था और इसका उपयोग वर्षों से वरिष्ठ नौसेना कमांडरों द्वारा इजरायल राज्य और मध्य पूर्व के अन्य देशों के खिलाफ परिचालन गतिविधियों का प्रबंधन करने और समुद्री आतंकवादी अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता रहा था.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान के काबुल पर एयर स्ट्राइक की. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. इस बर्बर कांड के बाद काबुल में आंसू और मातम पसरा हुआ है कलेजे को चीर देने वाली तस्वीर देखिए.

इराक की राजधानी बगदाद में ताजा हमला हुआ है. इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, आज सुबह बगदाद में तीन हमले हुए हैं. एक हमला अमेरिकी दूतावास पर किया गया है. अमेरिकी दूतावास को ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाया है. बगदाद के ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉकेट और कई ड्रोन दूतावास पर दागे गए. लेकिन समय रहते अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम C-RAM सक्रिय हो गया और कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. इधर अफगानिस्तान के आरोपों पर पाकिस्तान ने इनकार किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि काबुल में किसी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया.








