
मोसाद-CIA की प्लानिंग, कतर की मध्यस्थता... 100 बंधकों के लिए हमास की ये शर्त मान सकता है इजरायल!
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इजरायल चाहता है कि उसके सभी 100 महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाए. हालांकि, शुरुआती तौर पर यह संख्या कम हो सकती है. हमास ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह 70 महिलाओं और बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार है. दूसरी ओर इजरायल से रिहा होने वाली फिलिस्तीनी महिलाओं और युवाओं की संख्या 120 तक हो सकती है.
इजरायल और हमास बंधकों की रिहाई को लेकर समझौते के करीब हैं. माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो इजरायल से 7 अक्टूबर को बंधक बनाए गए ज्यादातर बच्चों और महिलाओं को हमास मुक्त कर सकता है. माना जा रहा है कि कुछ ही दिन में इस डील को लेकर ऐलान हो सकता है.
वॉशिंगटन पोस्ट ने इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि अगर अंतिम विवरण सुलझा लिया जाता है तो कुछ ही दिनों में समझौते की घोषणा की जा सकती है. संवेदनशील विषय पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर इजरायली अधिकारी ने सोमवार को बताया, डील की सामान्य रूपरेखा समझ में आ गई है. अस्थायी समझौते में इजरायली महिलाओं और बच्चों को रिहा करने की अपील की है. इसके बदले इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी महिलाओं और युवाओं को भी रिहा किया जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल चाहता है कि उसके सभी 100 महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाए. हालांकि, शुरुआती तौर पर यह संख्या कम हो सकती है. हमास ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह 70 महिलाओं और बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार है. दूसरी ओर इजरायल से रिहा होने वाली फिलिस्तीनी महिलाओं और युवाओं की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन एक अरब अधिकारी ने पिछले हफ्ते बताया था कि जेल में कम से कम 120 ऐसे लोग हैं. इजरायली अधिकारी ने बताया कि बंधकों और कैदियों की अदला-बदली के साथ-साथ शायद पांच दिनों का सीजफायर होगा. यह युद्धविराम इजरायली बंदियों को सुरक्षित यात्रा की अनुमति देगा. इजरायली अधिकारी ने बताया कि यह गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों को अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता की अनुमति भी दे सकता है. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल-थानी से बात की और इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता की कोशिश करने के लिए उनकी तारीफ भी की. व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि सभी बंधकों को बिना किसी देरी के रिहा किया जाना चाहिए.
अमेरिकी अधिकारी यह जानते हैं कि हमास के खात्मे तक इजरायल अपने ऑपरेशन को बंद करने के लिए तैयार नहीं होगी. लेकिन बंधक समझौते और सीजफायर से युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय हंगामे को कम किया जा सकता है.
इजरायल इस बात की पुष्टि चाहता है कि उसके बंदी बनाए गए लोगों, जिनमें से प्रत्येक की पहचान नाम से की गई है, को रिहा किया जाए, क्योंकि वह इसके बदले में फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली कर रहा है. वेरिफिकेशन की यह प्रक्रिया उन बातों में एक है, जिनपर अभी हमास और इजरायल के बीच बातचीत चल रही है.
हमास के साथ इजरायल की बातचीत अप्रत्यक्ष रूप से कतर के माध्यम से चल रही है. कतर में ही हमास के राजनीतिक नेतृत्व ने शरण ले रखी है. कतर के प्रधान मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने दोहा में मध्यस्थता की पेशकश की थी. इसके अगले दिन उन्होंने अमेरिकी CIA निदेशक विलियम जे. बर्न्स और इजरायली खुफिया एजेंसी के चीफ डेविड बार्निया से मुलाकात की थी और बंधक रिहाई पर बातचीत की थी.

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