
मोदी सरकार के इस कदम से पाकिस्तान की हुई बल्ले-बल्ले!
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घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए भारत ने 20 जुलाई को गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. चूंकि, भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है. ऐसे में वैश्विक चावल बाजार में पाकिस्तानी चावल की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
भारत सरकार की ओर से गैर-बासमती चावल के निर्यात पर लगे बैन की वजह से पाकिस्तान को बंपर फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है. पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट के अनुसार, राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान (आरईएपी) ने कहा है कि चावल निर्यात पर भारत के प्रतिबंध की वजह से पाकिस्तान के चावल निर्यात में वृद्धि होने का अनुमान है.
आगामी त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू मांगों में बढ़ोतरी और खुदरा कीमतों पर नियंत्रण को ध्यान में रखकर भारत ने बासमती चावल को छोड़कर सभी तरह के कच्चे चावल (गैर-बासमती चावल) के निर्यात पर बैन लगा दिया है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है. भारत से निर्यात होने वाले कुल चावल में गैर-बासमती चावल की हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी है.
भारत सबसे ज्यादा गैर-बासमती चावल का निर्यात इटली, स्पेन, श्रीलंका और अमेरिका को करता है. भारत के इस फैसले के बाद से ही अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में चावल की खरीद के लिए अफरा-तफरी का माहौल है.
पाकिस्तान के चावल निर्यात में बढ़ोतरीः राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान
राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के चैयरमेन चेला राम केवलानी ने कहा कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद पाकिस्तान ने पिछले वित्तीय वर्ष में 37 लाख टन चावल का निर्यात किया था. जिसकी कीमत लगभग 2.14 अरब डॉलर है.
चेला राम केवलानी ने आगे कहा, "जुलाई में शुरू हुए चालू वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान 50 लाख टन चावल निर्यात करने का लक्ष्य हासिल कर लेगा. जिसकी वैल्यू लगभग 3 अरब डॉलर होने की उम्मीद है. चावल निर्यात पर भारत के प्रतिबंध का वैश्विक चावल बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा. इससे वैश्विक बाजार में चावल की कमी होगी. ऐसे में पाकिस्तान को इस मांग को पूरा करने और चावल खरीदने वाले प्रमुख देशों में अपनी बाजार हिस्सेदारी का विस्तार करने का बेहतरीन मौका मिलेगा."

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