
'मैं पायलट बनना चाहता था लेकिन...', जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन को याद आया अपना बचपन
AajTak
पुतिन करीब 24 साल से रूस में सत्ता पर काबिज हैं और पिछले हफ्ते उन्होंने घोषणा की थी कि वह दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. राष्ट्रपति बनने से पहले वह केजीबी खुफिया एजेंसी में एक अधिकारी के रूप में काम करते थे. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपना बचपन याद करते हुए कहा वह पायलट बनना चाहते थे.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को खुलासा किया कि उन्होंने बचपन में पायलट और बाद में एक खुफिया अधिकारी बनने का सपना देखा था. दरअसल, रूसी नागरिकों के साथ वार्षिक टेलीविजन डायरेक्ट लाइन सवाल-जवाब उत्तर सत्र के दौरान 71 वर्षीय राष्ट्रपति ने कहा कि एक इंटेलिजेंस ऑफिसर बनने के अपने मुख्य सपने के अलावा, वह एक पायलट बनना चाहते थे.
रूसी टीएएसएस समाचार एजेंसी के मुताबिक पुतिन ने कहा, "मैंने इसके बारे में बात की. अपने जीवन के विभिन्न चरणों में प्रत्येक व्यक्ति का अपने आस-पास के मूल्यों के प्रति एक अलग दृष्टिकोण होता है. मैं एक पायलट बनना चाहता था. लेकिन इससे पहले से ही हाई स्कूल में मैं एक इंटेलिजेंस ऑफिसर बनना चाहता था और जैसा कि आप जानते हैं, मैं बन भी गया."
बता दें कि पुतिन करीब 24 साल से रूस में सत्ता पर काबिज हैं और पिछले हफ्ते उन्होंने घोषणा की थी कि वह दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. राष्ट्रपति बनने से पहले वह केजीबी खुफिया एजेंसी में एक अधिकारी के रूप में काम करते थे.
पारंपरिक सवाल-जवाब सत्र को इस साल रूसी और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के साथ पुतिन की साल के अंत में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ जोड़ दिया गया था. बैठक चार घंटे तीन मिनट तक चली. रिपोर्ट में कहा गया है कि पुतिन ने नागरिकों और पत्रकारों की 80 से अधिक अपीलों और सवालों का जवाब दिया.
एक वीडियो प्रश्न में सेंट पीटर्सबर्ग के एक छात्र ने पूछा कि क्या उनके पास उनका हमशक्ल हैं? इस पर पुतिन ने कहा कि वह एकमात्र व्यक्ति हैं जो अपनी आवाज में बोल सकते है. उन्होंने कहा कि कुछ हस्तियों ने मजाक में कहा था वह काफी हद तक उनके जैसे दिखते हैं और आवाज भी वैसी ही है. इसके बाद मैंने फैसला किया कि केवल एक ही व्यक्ति को मेरे जैसा दिखना चाहिए और मेरी आवाज में बोलना चाहिए. और वह व्यक्ति मैं खुद हूं. यह वही है पुतिन ने कहा, हमारे सार्वजनिक हस्तियों ने कुछ समय पहले मजाक में कहा था.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग का आज 19वां दिन है. लेकिन ये जंग अब थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी है. इस बीच ईरान ने दुबई पर फिर हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है. हमले के बाद दुबई के कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दी. दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर तबाह किया.

ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है. अमेरिकी राष्पति ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि उनके साथी देश (नाटो) इस लड़ाई में साथ नहीं दे रहे हैं. इस हमले का मकसद तेल की सप्लाई को बहाल करना और ईरानी मिसाइलों के खतरे को खत्म करना है.

ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







