
मुसलमानों को लेकर PM मोदी पर दबाव डालेंगे बाइडेन? अमेरिका ने दिया ये जवाब
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पीएम मोदी और जो बाइडेन जुलाई में एक वर्चुअल सम्मेलन में मिलने वाले हैं. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के एजेंडे में क्या है, इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय की प्रेस सचिव से सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि क्या बाइडेन मोदी से मिलकर मुसलमानों की रक्षा का दबाव उन पर बनाएंगे जिस पर उन्होंने कहा कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकती हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम नरेंद्र मोदी की अगले महीने होने वाली मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से भारत में मुसलमानों की स्थिति को लेकर टिप्पणी की गई है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने कहा है कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकती हैं कि जो बाइडेन मुसलमानों के अधिकारों को लेकर पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन पर दबाव बनाएंगे या नहीं.
प्रेस सचिव से एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों ने पूछा कि जुलाई में जब दोनों देशों के नेता I2U2 शिखर सम्मेलन के लिए मिलेंगे तो क्या जो बाइडेन पीएम मोदी पर भारत के मुसलमानों की सुरक्षा के लिए उन पर दबाव डालेंगे?
जवाब में पियरे ने कहा कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकतीं लेकिन राष्ट्रपति बाइडेन को विदेशी नेताओं के साथ मानवाधिकार के मुद्दे पर बात करने में कोई समस्या नहीं है.
उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति बाइडेन को नेताओं से मानवाधिकारों के बारे में, स्वतंत्रता के बारे में, लोकतंत्र के महत्व के बारे में बात करने में कोई समस्या नहीं है. राष्ट्रपति पहले भी ऐसा कर चुके हैं. मैं नहीं बता सकती कि पीएम मोदी से मुलाकात के उनके एजेंडे में क्या होने वाला है. मैं इस बात की पुष्टि नहीं कर सकती कि दोनों नेता मिलने पर क्या बातचीत करने वाले हैं.'
पियरे ने ये भी कहा कि बाइडेन अपनी बात को स्पष्ट रूप से और बिना लाग-लपेट के रखना जानते हैं. उन्होंने आगे कहा, 'और जब बात मानवाधिकारों की आती है तो वो नेताओं से सीधी बातचीत में बिल्कुल नहीं हिचकिचाते हैं.'
पियरे से ये भी पूछा गया कि क्या व्हाइट हाउस ने भाजपा के नेताओं द्वारा पैगंबर के खिलाफ की गई टिप्पणियों का विरोध करने वालों के घरों को तोड़ने पर कोई टिप्पणी की थी. उन्होंने इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं दिया.

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