
मुंबई हमले के दोषी को US में बड़ा झटका, अमेरिकी सरकार ने कोर्ट से कहा- खारिज करें तहव्वुर राणा की याचिका
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भारत तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. वह मुंबई आतंकी हमले के मामले में वांटेड है. राणा इससे पहले अमेरिका की निचली अदालतों और सैन फ्रांसिस्को के उत्तरी सर्किट में भी याचिका दाखिल कर चुका है, लेकिन सभी जगहों से वह कानूनी लड़ाई हार चुका है.
मुंबई हमले के दोषी पाकिस्तान मूल के कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा को अमेरिकी सरकार ने बड़ा झटका दिया है. संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने वहां के सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि राणा की याचिका को खारिज कर दिया जाए. दरअसल, मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा ने खुद को भारत में प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
बता दें कि भारत तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. वह मुंबई आतंकी हमले के मामले में वांटेड है. राणा इससे पहले अमेरिका की निचली अदालतों और सैन फ्रांसिस्को के उत्तरी सर्किट में भी याचिका दाखिल कर चुका है, लेकिन सभी जगहों से वह कानूनी लड़ाई हार चुका है. इसके बाद अब राणा ने 13 नवंबर को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. राणा के पास भारत प्रत्यर्पित न किए जाने का यह आखिरी कानूनी मौका भी है. अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ बी प्रीलोगर ने 16 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि राणा की याचिका को खारिज किया जाना चाहिए.
समझौते के तहत लाया जाएगा भारत
इससे पहले 17 अगस्त को पाकिस्तान मूल के कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. कोर्ट ने उनकी भारत प्रत्यर्पण की अपील को खारिज करते हुए कहा था कि वह भारत में प्रत्यर्पित किए जाने के योग्य है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि दोनों देशों के बीच जो समझौता है, उसके तहत उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है. राणा भी उस टेरर अटैक में एक दोषी है.
अमेरिकी कोर्ट ने माना था साजिश का दोषी
कोर्ट ने राणा को एक विदेशी आतंकवादी संगठन को मदद करने और डेनमार्क में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की नाकाम साजिश रचने के लिए दोषी करार दिया था. हालांकि, कोर्ट ने भारत में किए गए हमलों के आरोपों को खारिज कर दिया लेकिन माना कि वह मुंबई आतंकी हमले की साजिश में शामिल रहा था, और उसे भारत प्रत्यर्पण किया जाना चाहिए.

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