
मारा गया बगदादी का भाई अबू अल-हसन... खूंखार आतंकी, हमेशा गुमनाम रखी असली पहचान
AajTak
इस्लामिक स्टेट का प्रमुख अबू अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी मारा गया है. इस्लामिक स्टेट ने इसकी घोषणा की है. इस्लामिक स्टेट का कहना है कि अबू हल-हसन की मौत अल्लाह के दुश्मनों से लड़ते हुए हुई. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि उसकी मौत अक्टूबर में ही हो गई थी. अबू अल-हसन कौन था और वो कैसे मरा? जानें...
अबू अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी. इस्लामिक स्टेट का मुखिया. वही इस्लामिक स्टेट जिसे दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी संगठन माना जाता है. इसका मुखिया अबू अल-हसन मारा जा चुका है. आतंकी संगठन ने भी इसकी पुष्टि कर दी है.
अबू अल-हसन इसी साल मार्च में इस्लामिक स्टेट का मुखिया बना था. उससे पहले अबू इब्राहिम अल-हाशिमी अल-कुरैशी इसकी कमान संभाल रहा था. और उससे भी पहले अबू बक्र अल-बगदादी के हाथों में इसकी कमान थी.
अबू अल-हसन के मारे जाने के बाद इस्लामिक स्टेट ने अपने नए प्रमुख के नाम का ऐलान भी कर दिया है. इस्लामिक स्टेट ने बताया है कि अब अबू अल-हुसैन अल-हुसैनी अल-कुरैशी नया प्रमुख होगा. इस्लामिक स्टेट ने नए प्रमुख के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है.
इस्लामिक स्टेट के प्रवक्ता ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर अबू अल-हसन के मारे जाने की पुष्टि की है. हालांकि, अबू अल-हसन की मौत कैसे हुई? ये नहीं बताया गया है. बस इतना कहा गया है कि 'वो अल्लाह के दुश्मनों से लड़ते हुए मारा गया.'
कौन था अबू अल-हसन?
9 महीने में ये तीसरी बार है जब इस्लामिक स्टेट को अपना प्रमुख बदलना पड़ा है. 10 मार्च को ही इस्लामिक स्टेट ने अबू अल-हसन को अपना नया प्रमुख घोषित किया था.

क्या गाजा पट्टी की आड़ में UN को किनारे करने की तैयारी में हैं Trump, क्यों 'पीस बोर्ड' पर मचा बवाल?
पिछले साल के आखिरी महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रही हमास और इजरायल की जंग को खत्म करने के लिए प्लान दिया. बीस-सूत्रीय योजना में बोर्ड ऑफ पीस बनाने का भी प्रस्ताव था. ये बोर्ड गाजा पट्टी को दोबारा बसाने और वहां सरकार बनाने पर काम करेगा. इसकी स्थायी सदस्यता के लिए मोटी रकम चुकानी होगी, वो भी नकद में.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.









