
भारत से तनातनी के बीच बांग्लादेश ने पाकिस्तान से की बड़ी डील
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बांग्लादेश की सरकार में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की पुकार के बीच, बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 25,000 टन उच्च गुणवत्ता वाली चीनी आयात करने का समझौता किया है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें $530 प्रति टन तक पहुंच गई हैं.
बांग्लादेश में एंटी-इंडिया अभियानों के बाद यहां की अंतरिम सरकार ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ी डील की है. मोहम्मद यूनुस की सरकार ने पड़ोसी मुल्क से 25000 टन चीनी खरीदने को लेकर समझौता किया है. आने वाले समय में कराची पोर्ट से चीनी की खेप चिट्टगांव पोर्ट पहुंचेगी. दशकों में ऐसा पहली बार है जब दोनों देशों के बीच इतने बड़े स्तर पर किसी प्रोडक्ट को लेकर डील हुई है.
मसलन, बांग्लादेश की सरकार में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की पुकार ने दक्षिण एशिया में व्यापार संबंधों की नई दिशा को जन्म दिया है. इस हालात में, बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 25,000 टन उच्च क्वालिटी वाली चीनी आयात करेगा. कराची पोर्ट से यह खेप अगले महीने चिटगांव पोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है.
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पाकिस्तान-बांग्लादेश में बड़े स्तर पर व्यापार
यह कदम पिछले कई दशकों में पहली बार है जब पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच चीनी का इतने बड़े स्तर पर व्यापार हो रहा है. इस व्यापार को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा एक "भाईचारे वाले" देश के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर बताया जा रहा है. इस समझौते के समय, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें $530 प्रति टन तक बनी हुई हैं, जिससे आगे भी आर्थिक अवसर खुलेंगे.
चीनी आयात के लिए भारत पर निर्भर रहा है बांग्लादेश

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