
भारतीय को लुभाने के लिए तुर्की ने उठाया यह बड़ा कदम
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तुर्की के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के उप महानिदेश ओनूर गोजेट का कहना है कि पिछले साल तुर्की में परफेक्ट डेस्टिनेशन वेडिंग की चाह रखने वाले भारतीय जोड़ों की वृद्धि हुई है. टूरिज्म सेक्टर में भारत एक उभरता हुआ मार्केट है और यह तुर्की के पर्यटन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है.
हाल ही में ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों ने भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री देने की घोषणा की है. रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की भी आने वाले समय में भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीजा फ्री एंट्री की घोषणा कर सकता है. साल 2019 में 2.3 लाख और 2022 में 2.7 लाख से ज्यादा भारतीय पर्यटक तुर्की गए थे.
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की का संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय, ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) के सहयोग से भारत के छह शहरों में रोड शो का आयोजन करेगा. तुर्की के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के उप महानिदेश ओनूर गोजेट ने अंग्रेजी वेबसाइट से बात करते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में भारतीय पर्यटक तुर्की गए हैं. अगले साल तक लक्ष्य है कि तुर्की आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 3.5 लाख हो.
ओनूर गोजेट ने आगे कहा कि हमारे आधिकारिक आकंड़े अभी तक जारी नहीं हुए हैं. लेकिन हमारा अनुमान है कि पिछले साल लगभग 2.7 लाख भारतीय पर्यटक तुर्की आए. आगे हमारा लक्ष्य है कि अगले दो से तीन सालों में भारत को हम टॉप-10 में देखें. टूरिज्म सेक्टर में भारत एक उभरता हुआ मार्केट है और यह तुर्की के पर्यटन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है.
उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की भारतीय यात्रियों के लिए वीजा आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए काम कर रहा है. तुर्की एयरलाइंस की दिल्ली और मुंबई से प्रति सप्ताह 14 उड़ानें हैं. इंडिगो की भी इतनी ही संख्या में उड़ानें हैं. चूंकि, पर्यटन के लिए सबसे अहम कड़ी परिवहन है. इसलिए हम भारत और तुर्की के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर भी काम करेंगे.
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए तुर्की जा रहे हैं भारतीय
तुर्की के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के उप महानिदेश ओनूर गोजेट का कहना है कि पिछले साल तुर्की में परफेक्ट डेस्टिनेशन वेडिंग की चाह रखने वाले भारतीय जोड़ों की वृद्धि हुई है. तुर्की भी इंडियन वेडिंग सेगमेंट पर जोर दे रहा है. यह तुर्की में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का एक अच्छा तरीका है. फिलहाल जर्मनी, रूस और यूके तुर्की के लिए प्रमुख बाजार है. लेकिन हम भारत जैसे नए और उभरते बाजारों की खोज में हैं.

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