
'बिना चुनावों वाला तानाशाह...', जेलेंस्की ने किया US-रूस मीटिंग का विरोध तो भड़के ट्रंप
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ट्रंप ने कहा, 'सोचिए, एक मामूली सफल कॉमेडियन, वलोदिमीर जेलेंस्की, ने अमेरिका को 350 बिलियन डॉलर खर्च करने के लिए मना लिया, एक ऐसे युद्ध में जो जीता नहीं जा सकता था, जिसे कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था. लेकिन एक ऐसा युद्ध जिसे वह, अमेरिका और 'ट्रंप' के बिना, कभी भी समाप्त नहीं कर सकते.'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की पर तीखा हमला बोलत हुए उन्हें 'बिना चुनावों वाला तानाशाह' कहा. यह बयान तब आया जब जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि ट्रंप, रूस द्वारा फैलाई गई दुष्प्रचार मुहिम के प्रभाव में हैं और क्रेमलिन के लिए अनुकूल शर्तों पर युद्ध खत्म करना चाहते हैं.
'एक मामूली कॉमेडियन...'
ट्रंप ने कहा, 'सोचिए, एक मामूली सफल कॉमेडियन, वलोदिमीर जेलेंस्की, ने अमेरिका को 350 बिलियन डॉलर खर्च करने के लिए मना लिया, एक ऐसे युद्ध में जो जीता नहीं जा सकता था, जिसे कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था. लेकिन एक ऐसा युद्ध जिसे वह, अमेरिका और 'ट्रंप' के बिना, कभी भी समाप्त नहीं कर सकते.'
ट्रंप ने जेलेंस्की को 'बिना चुनावों वाला तानाशाह' (A Dictator without Elections) करार दिया. फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के कारण यूक्रेन ने अप्रैल 2024 में होने वाले चुनावों को स्थगित कर दिया था. जेलेंस्की ने बुधवार को ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा कि वह रूस द्वारा फैलाई गई 'दुष्प्रचार मुहिम' में जी रहे हैं.
अमेरिका-रूस की बैठक पर भड़के जेलेंस्की
मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रूस और अमेरिका के बीच एक बैठक हुई, जिसमें यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर चर्चा हुई. इस बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि जेलेंस्की की लोकप्रियता मात्र चार प्रतिशत रह गई है, जबकि ताजा सर्वे में उनकी अप्रूवल रेटिंग 57 प्रतिशत बताई गई है. इस बैठक के नतीजों को खारिज करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपनी भागीदारी के बिना लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेगा.

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत से ईरान बुरी तरह आहत है. इस हमले में लारिजानी का बेटा भी मारा गया है. ईरान ने अब अमेरिकी और इजरायली हमले के जवाब में कार्रवाई तेज करते हुए कई क्लस्टर बम गिराए है और तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचाया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जंग यहां से अब और भीषण रूप ले लेगी.

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ईरान और अमेरिका की जंग का आज 19वीं दिन है. इस बीच इजरायल के हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद अब ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेसों पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरान ने मिसाइल हमलों का वीडियो भी जारी किया है. IRGC ने कहा कि हमले में मल्टी-वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों समेत कई और घातक मिसाइलें शामिल हैं.

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ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं कई सहयोगी देश सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाकर कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं. ब्रिटेन के ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसे लेकर ट्रंप भड़क गए हैं.

इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान की नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी का भी खात्मा कर दिया है. अली लारीजानी को ईरान का De Facto Leader भी कहा जाता था, जो असल में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश की सत्ता संभाल रहे थे. शुक्रवार को उन्हें आखिरी बार तेहरान के उस जुलूस में देखा गया था, जो फिलिस्तीन की आज़ादी के लिए निकाला जा रहा था. उस जुलूस में अली लारीजानी ने तेहरान की सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़रायल को खुली चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता छिपकर डरने वालों में से नहीं है और उसी दिन उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये कहा था कि इस युद्ध में वो खुद को बचाकर रखें. उस वक्त ऐसा माना गया कि अली लारीजानी खुल्लम-खुल्ला राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और दावा है कि इसी के बाद इज़रायल'और अमेरिका दोनों ने मिलकर उनका डेथ वॉरंट लिख दिया.







