
बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर अमेरिका ने जताई चिंता, मानवाधिकारों पर कही ये बात
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अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने मध्य प्रदेश के इंदौर में कहा,' बांग्लादेश से अभी जो खबरें मिल रही हैं, वो चिंताजनक हैं. हम हालात पर नजर रख रहे हैं. हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश में लोग अपने धर्म का पालन करते हुए जीवन जी सकेंगे.'
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के मामले में अमेरिका का बयान आया है. अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मार्गरेट मैक्लाउड ने इस मामले पर कमेंट करते हुए कहा,'अमेरिका बांग्लादेश में एक स्वस्थ लोकतंत्र देखना चाहता है. वहां हर व्यक्ति के मानवाधिकारों की रक्षा होनी चाहिए.'
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने मध्य प्रदेश के इंदौर में कहा,' बांग्लादेश से अभी जो खबरें मिल रही हैं, वो चिंताजनक हैं. हम हालात पर नजर रख रहे हैं. हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश में लोग अपने धर्म का पालन करते हुए जीवन जी सकेंगे.'
कौन हैं प्रवक्ता मार्गरेट मैक्लाउड?
बता दें कि मार्गरेट मैक्लियॉड एक अमेरिकी डिप्लोमेट हैं और अमेरिकन स्टेट डिपार्टमेंट में प्रवक्ता हैं. उन्हें एक राजनयिक के तौर पर 14 साल का अनुभव है. मार्गरेट के बारे में सबसे मजेदार बात यह है कि न सिर्फ वो हिंदी भाषा पर पूरी पकड़ रखती हैं, बल्कि इसके साथ ही वो उर्दू, गुजराती भी वो बोल लेती हैं. मार्गरेट की लिंक्डन प्रोफाइल के अनुसार वो अंग्रेजी के अलावा हिंदी, उर्दू, गुजराती, फ्रेंच और जापानी भाषा जानती हैं.
चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी से बिगड़े हालात
बता दें कि बांग्लादेश के चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं. चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के विरोध में हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान उन पर BNP और जमात के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था, जिसमें 50 हिंदू घायल हो गए थे. चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने हर जिले में शांतिपूर्ण सभाएं आयोजित कर रहे हैं. हालांकि चरमपंथी समूह इन सभाओं पर हमला कर रहे हैं.

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